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भड़ास

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पद के लिए उचित नाम श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह – डा ज्योति श्रीवास्तव

भारतीय जनता पार्टी का विजय पताका उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में इस तरह फहराया गया कि पूरा देश केसरिया रंग में डूब गया। किंतु वर्णनीय है कि उत्तर प्रदेश की इस जीत में कायस्थों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, इस बात में कहीं कोई संदेह या संकोच नहीं हो सकता। जहाँ एक ओर "कायस्थवृंद" व मुख्य समन्वयक श्री धीरेंद्र ...

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आइकन विवाद में अब महथा ब्रज भूषण सिन्हा के तीखे सवाल : हरिश्चन्द्र नाम रख लेने से कोई हरिश्चन्द्र नहीं हो जाता, अलग संस्था की क्या जरुरत थी? वर्तमान संस्था में ही आवश्यक सुधार कर कार्य किया जा सकता था

आइकन के स्थापित या पुनर्स्थापित होने पर विवाद बढ़ते ही जा रहे है , इसी क्रम में रांची से विख्यात कायस्थ चिन्तक महथा ब्रज भूषण सिन्हा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये है I लेखक के विचारों के लिए कायस्थ खबर का उनसे सहमत होना आवश्यक नहीं है , कायस्थ खबर सभी पक्षों का सम्मान करता है इसलिए सभी को उनका ...

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आइकन विवाद : आइकन का आशु भटनागर को जबाब – शक का ईलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं था, लोग तो अपने भाई, रिश्तेदार, परिवार,समाज सभी पर शक,संदेह करते हैं

आइकन विवाद में आइकन के मीडिया संयोजक संकेत श्रीवास्तव ने कायस्थ खबर को अपने जबाब भेजे है , कायस्थ खबर उनके पक्ष का सम्मान करता है और उसे पब्लिक के सामने रख रहा है I कायस्थ खबर सभी पक्षों का सम्मान करता है , पत्र में आये विचार आइकन संस्था के है और कायस्थ खबर उसके लिए ज़िम्मेदार नहीं है ...

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आईकान विवाद : राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद में कुछ विवाद के कारण ही ये आइकन संस्था का जन्म हुआ है – मनीष श्रीवास्तव

आइकन (अखिल भारतीय कायस्थ कांफ्रेंस) के गठन के साथ ही इसकी प्रस्तावना में राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के सदस्यों द्वारा जिस तरह से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को निशाना बनाया गया है I उसका जबाब अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय संजोजक मनीष श्रीवास्तव ने दिया है I कायस्थ खबर दोनों पक्षों का सम्मान करता है I इस विवाद पर सभी ...

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सीधी बात: “आइकन” के बहाने क्या किसी नए खेल की शुरुआत कर रहे है समाज की नेतागिरी में हाशिये पर गए लोग – आशु भटनागर

आज सोशल मीडिया पर "आइकन" संस्था(आल इंडिया कायस्थ कांफ्रेंस) के नाम पर जिसे १८८७ में स्थापित बताया जा रहा है को पुनर्जीवित करके दुबारा से कायस्थ की १६० संस्थाओं को एक करने के दावे जैसी कहानी का साहित्य बांटा जा रहा है I जिसमे बताया गया की खुद में विवादित और लगभग आधारहीन हो चुकी राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के कुछ ...

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सच तो ये है की मेरठ,गाज़ियाबाद, नॉएडा में एक बार फिर अपने नेताओं की कमी से कायस्थ समाज अपनी राजनैतिक पहचान बनाने का ये मौका चुक गए है – आशु भटनागर

पश्चिम उत्तर प्रदेश की ७५ सीटो पर चुनाव की रनभेदी बज चुकी है I बीते १५ दिनों में प्रचार के समस्त तोर तरीके और और खबरे पड़ने के बाद मैं सिर्फ एक नतीजे पर पहुंचा हूँ I इस पुरे क्षेत्र में कायस्थ समाज की राजनैतिक पहचान शून्य है I कायस्थ खबर ने इसके लिए मेरठ,गाज़ियाबाद, नॉएडा जैसे प्रमुख शहरो में ...

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जिस तरह से कायस्थ समाज की अनदेखी हुई है, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा इसका बहुत घोर निंदा करती है – मनीष श्रीवास्तव

पूर्वाचंल में कायस्थ समाज के साथ विधानसभा चुनाव में जिस तरह भेदभाव किया गया वो बेहद दुखी करता है। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपील अभी भी समय है आप लोग कायस्थ समाज को उचित प्रतिनिधित्व दे। नहीं तो कही यह विधानसभा भाजपा को ले ना डूबे।यूपी विधानसभा में कायस्थ समाज का लगभग 12 परसेंट वोट है और ...

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चुनावो में कायस्थ समाज की उपेक्षा पर आम कायस्थ का आक्रोश : जो कायस्थों का मान रखेगा,कायस्थ उसी की शान बनेगा – राहुल श्रीवास्तव

श्री चित्रगुप्त जी की सन्तान कायस्थ समाज के भाइयों और बहनों आज चुनावी रणभेरी बज चुकी है,उत्तर प्रदेश में चुनाव जातीय आधार पर सम्पन्न होते है... सामाजिक वर्गीकरण में चार समाजों को बताया गया है- 1.छत्रिय 2.ब्राह्मण 3.वैश्य 4.दलित आधुनिक युग में उपरोक्त तीन समाजों को सवर्ण कहा जाता है और चौथे समाज को दलित समाज कहा जाता है ,आज ...

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प्रधानमंत्री जी जवाब दें क्योकि उन्ही से आशा की जा सकती है- धीरेन्द्र श्रीवास्तव

माननीय सांसद आदरणीय रविन्द्र किशोर सिन्हा जी ने भारत के सबसे ईमानदार एवम् तेजस्वी प्रधानमंत्री स्व० लाल बहादुर शास्त्री जी एवम् यशस्वी नेता सुभाष चन्द्र बोस जी के मृत्यु पर गम्भीर सवाल उठाये है। भारत के आम नागरिक होने के नाते इन प्रश्नो का जवाब पाना हमारा अधिकार है। आदरणीय आर०के०सिन्हा जी द्वारा जोरदारी से उठाये गये इन प्रश्नो से ...

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आखिर सपा/बसपा जैसी दलित और समाजवादी सोच के दलों में कायस्थ महापुरुषों के लिए कोई सम्मान क्यूँ नहीं है ? : आशु भटनागर

आज स्वतंत्र भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री जी की ५१ वी पुन्य तिथि थी I यूपी चुनावों के मदेनाजर मुझे पूरा यकीन था की कम से कम  इस बार तो यूपी में सभी नेता इस दिन को जोर शोर से मनाएंगे I लेकिन मेरी उम्मीदों के उलट यूपी के दो प्रमुख दलों को छोड़ कर  सभी क्षेत्रीय ...

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