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भड़ास

बड़ा सवाल : इलाहाबाद में कायस्थ वृन्द का युवा कायस्थ महासम्मेलन, आखिर क्यों?

साथियो, कायस्थ पाठशाला न्यास( केपी ट्रस्ट) के पूर्व महासचिव एवं पूर्व महापौर प्रत्याशी श्री कुमार नारायण द्वारा "कायस्थ वृंद' के तत्वावधान में शीघ्र ही इलाहाबाद में युवा कायस्थ महासम्मेलन का संयोजन कराया जाएगा। ज्ञात रहे कि 'कायस्थ वृंद" कोई संगठन अथवा संस्था नहीं है बल्कि समाज के जागरूक सतर्क और चिंतन करने वाले कर्मशील कायस्थों द्वारा "विचारधारा" बनाने का प्रयास ...

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ABKM विबाद में स्वयुम्भु संयोजक मनीष श्रीवास्तव पर बरसे राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा मुकेश श्रीवास्तव

मनीष श्रीवास्तव फ़र्ज़ी राष्ट्रीय संयोजक अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के द्वारा अपने कायस्थ ब्लॉग  पर कायस्थ महासभा का वैधानिक विश्लेषण शीर्षक से एक समाचार पोस्ट किया है । उसके संबंध में मै मनीष जी को बताना चाहता हूँ कि विधि क्या है यह तो जानलो तब किसी भी तथ्य का वैधानिक विश्लेषण करने मे सक्षम होसकते हो । हम सोसायटी ...

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सवाल ये है की की आखिर इस सरकार और बीमार समाज में कायस्थ समाज अपने को कैसे सुरक्षित महसूस करे : अलोक श्री

हर दिन एक नयी निर्भया की कहानी और सरकार कह रही है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ,,,,क्या बेटी बचा कर माँ बाप इसी शर्मसार घटना का गवाह बनते रहेंगे ? आखिर कब तक सरकार अपाहिज बनी रहेगी और प्रशासन लकवे की स्थिति में बिस्तर पर पड़ा रहेगा और बेटियाँ हैवानो की शिकार होती रहेंगी !! इंसानियत किस कदर मरती जा ...

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बेटी के सम्मान में, कायस्थों उतरो अब मैदान में!! – डॉ ज्योति श्रीवास्तवा

एक बड़ा प्रश्न.... कितनी दामिनी और कितनी दीपाली?? कब तक जलेगी बेटी ? कब तक होगा ये दुराचार? दोषी कौन? न्याय कहाँ? सरकार का इंसाफ कहाँ?? उससे भी बड़ा प्रश्न.... कहाँ हैं वो लोग जो अपने समाज और मित्रों के इतिहास और भविष्य जानने में, आरोपी ढूँढने और उसका आरोप सिद्ध करने में अपनी सारी योग्यता-सारी ऊर्जा लगा देते हैं?? ...

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‘कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म किए आपको सफलता नहीं मिलेगी’ ऐसा सोचना भी अब महापाप है- विवेक बाड़मेरी

आपने देखा हो या नहीं पर मुझे ऐसा देखने का कुछ समय का तजुर्बा है आप कह सकते हैं। कई बार देखने में आता रहता है कि किस तरह लक्षणहीन, अनाड़ी तथा असभ्य लोग केवल खुशामद करके कोर्इ बड़ा पद पा लेते हैं। इसके पीछे उनकी चापलूसी करने की प्रतिभा छुपी रहती है। चलिए अब आपको विस्तार पूर्वक बतलाते हैं ...

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खरी खरी : उठा सको तो अपनी नजर से नकाब उठा लो- कवि स्वप्निल

"हर रिश्ते में नूर बरसेगा शर्त बस इतनी है रिश्ते में शरारते करो साजिशें नहीं" उन साहब ने जहाँ से बात खत्म की वहीं से शुरु कर रहा हूं। मेरे चहेते शायर मेरे भाई राम श्याम हसीन का एक मतला और शेर कुछ यूँ है कि- "जो वफा की बात करते हैं, वफ़ादारी नहीं । ऐसे लोगों से हमारी दूर ...

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युवाओं को हमारा भरपूर सहयोग अपेक्षित है, इससे पहले कि इनका मनोबल टूट जाए, हमें साथ खड़ा होना चाहिए : डॉ ज्योति श्रीवास्तव

आप सभी को नमस्कार 🙏 कायस्थ युवान हमारे समाज के सामने एक नई आशाओं का द्वार परिलक्षित हो रहा है, वहीं कुछ लोगों ने इसे अपने जीवन में जैसे भूचाल का अनुभव कर लिया है। कोई समझाने का कष्ट करें कि जब कायस्थ युवान आपसे सुझाव के अतिरिक्त कोई और माँग कर नहीं रहा..वो भी आप समाज के अनुभवी लोग ...

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कवि स्वप्निल आप कायस्थ द्रोहियो की प्रतिकूल बातो की चिन्ता किये बगैर युवा कायस्थो के विकास के अपने प्रयास जारी रखिये।आप कामयाब होंगे: धीरेन्द्र श्रीवास्तव

उत्साही "युवा" कायस्थ कायस्थ युवाओ के विकास के लिये कुछ करना चाहता है तो उसे करने दो,काहे को और किसके लिये विरोध कर रहे है कुछ दिग्भ्रमित कायस्थ। अजीब फैशन चलाया जा रहा है कायस्थ समाज को तोड़ने व अपमानित करने के प्रयासो का बमुश्किल छ-सात कायस्थो द्वारा। व्हाट्सेप ग्रुप बनाकर बिना सहमति के जोड़ो फिर योजनाबद्ध तरीके से किसी ...

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सक्रिय महिलाओ ने किया भगवान श्री चित्रगुप्त का कथा पाठ पुण्य के सहभागी बने हजारो श्रद्धालु : धीरेन्द्र श्रीवास्तव

गंगा सप्तमी को भगवान चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव के पूर्वसन्ध्या पर ग्यारह कायस्थ महिलाओ द्वारा सक्रिय एवम् कर्मठ संस्था "जय चित्रांश कल्याण समिति" के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध श्री चित्रगुप्त पार्क, झूँसी इलाहाबाद में आयोजित भगवान श्री चित्रगुप्त की कथा कार्यक्रम अपने आप में न केवल ऐतिहासिक व अद्भुत रहा बल्कि अनेक मामलों में अविस्मरणीय भी रहा। देहरादून के अपवाद को छोड़ ...

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कायस्थ समाज का दुर्भाग्य ही कहा जायगा कि अपने को बुद्धिजीवी समझने वाला समाज मानसिक व वैचारिक रूप से इतना कमजोर है : महथा ब्रज भूषण सिन्हा

उलझे प्रश्न? इधर कई दिनों में कायस्थ समाज में कुछ घटनाएँ हुई है जिस पर समाज को चर्चा करनी चाहिए. हम जिसे प्रमुख घटना मानते हैं, वह है भगवान श्री चित्रगुप्त की आड़ में सामाजिक भ्रष्टाचार. स्थिति तब और दयनीय हो जाती है जब कोई वरिष्ठ व्यक्ति भगवान श्री चित्रगुप्त जी को ही बंधक बनाने सरीखा कृत्य करता है. अमूमन ...

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