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चौपाल

कायस्थ संगठनो के हालत से : हाँथ–पाँव फूल गए और आँख-कान बंद -महथा ब्रज भूषण सिन्हा

इधर कई दिनों से मैं नेत्र रोग से पीड़ित था फिर कुछ दिन बाद कर्ण रोग से पीड़ित हो गया इसलिए मैं कलम नहीं पकड पा रहा था. पर काफी कोशिश से कलम पकड़ कर कुछ लिखने के लिय तैयार हो पाया हूँ. इसलिए आपके सामने हूँ. हुआ यों कि आजकल लक-दक परिधानों से सुसज्जित गले में गेंदा फूलों की ...

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आयोजक महोदय द्वारा ” अपनी धर्म पत्नी को ही “.महिमामंडित ” करना , संकीर्ण , विचारधारा का परिचय मात्र है- ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव

सत्य परंतु कडुआ विचार :---- अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा इस राष्ट्र की सबसे पुरानी ,पंजीकृत , जातीय संगठन , "एक वट वृक्ष " के स्वरूप में बहुत ही आदरणीय , और सम्मान वर्धक , संस्था के रुप में विद्यमान हैं , हम ही नहीँ सम्पूर्ण समाज यह जानती हैं की " बट वृक्ष की रूह नीचे उतर कर ज़मीन ...

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क्या राजनैतिक तौर पर सफल राजनेताओं के पास कायस्थ समाज के लिए कोई दूरगामी सोच नहीं ? आशु भटनागर

आशु भटनागर I अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में दो बड़े कद के कायस्थ राजनेता मुख्य अतिथि के तोर पर उपस्थित थे I पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोध कान्त सहाय और शत्रुघ्न सिन्हा I जिनमे शत्रुघ्न सिन्हा तो सेलिब्रिटी स्टेतस भी मेन्टेन भी करते है I जाहिर तोर पर बड़े नाम होने के कारण इनको सुनने का चार्म भी लोगो ...

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अभाकाम की बडौदा बैठक- महासभा पर प्रश्न? – महथा ब्रज भूषण सिन्हा

बहु प्रतीक्षित बडौदा बैठक का समापन हो गया. जो बातें हुई उसमे प्रमुख है- गुजरात के कायस्थों का उत्साह के साथ भागीदारी, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपने ही संगठन से मोह भंग होना, संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों का उपस्थित न होना, मुख्य अतिथि के रूप में शत्रुघ्न सिन्हा जी एवं सुबोध कान्त सहाय जी का सम्बोधन. मेरा निजी ...

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कायस्थ समाज में साईं की जगह भगवान चित्रगुप्त के प्रसार को प्राथमिकता दी जाय – अनिल श्रीवास्तव

मानव जीवन का लेखा जोखा रखने वाले सर्व समाज के पूज्य कायस्थ समाज के ईष्टदेव भगवान चित्रगुप्त महराज को आधुनिकता के इस दौर में रचनात्मक तरीके से प्रमुखता देने पर ही आराधना क्षेत्र में पीछे हो गए इन पूज्यनीय भगवान का प्रसार सम्भव है।अच्छे कार्य कर गए महापुरुषों का सम्मान करना तो अच्छी बात है लेकिन उन्हें भगवान का दर्जा ...

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अब समय आ गया है कि जब कायस्थो को उनकी संख्या के आधार उचित राजनैतिक भागीदारी प्रदान की जाये- नवनीत श्रीवास्तव

कायस्थ खबर एडवोटोरियल I 'बच्चा ना रोयेगा तो मां भी ना दूध पिलायेगी आओ हम सब मिल कर अपनी बात कहे कायस्थो मिल अपना अधिकार कहे' साथियो, देश के विभिन्न प्रदेशो मे हमारी पर्याप्त संख्या होने के बावजूद राजनैतिक दलो के द्वारा एक साजिश के तहत राजनैतिक भागीदारी से कायस्थो को वंचित किया जा रहा है गत दिनो बिहार विधानसभा ...

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भगवान श्री चित्रगुप्त के अपमान को लेकर अक्सर विवाद करने वाले वाहिनी प्रमुख के महासम्मेलन में साईं के भजनों का बजना : आखिर क्या सन्देश देना चाहते है वाहिनी प्रमुख समाज को ? – ललित सक्सेना

आखिर क्या सन्देश देना चाहते है वाहिनी प्रमुख समाज को भगवान श्री चित्रगुप्त के अपमान को लेकर अक्सर विवाद करने वाले वाहिनी प्रमुख के महासम्मेलन में साईं के भजनों का बजना और कायस्थ समाज के लोगो का चुप रहना  आखिर क्या हो गया समाज के उन कद्दावर युवाओ को आखिर वाहिनी का मतलब है सेना और कायस्थ वाहिनी हुई कायस्थ ...

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बड़ा सवाल : उत्तर प्रदेश राजनीति में कायस्थ हाशिए पर क्यों है? दीपक श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश राजनीति में कायस्थ हाशिए पर क्यों है? ..... पश्चिम बंगाल / महाराष्ट्र / उड़िसा की राजनीति में कायस्थों का दबदबा कायम है | उत्तर प्रदेश व विहार | मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ तथा झारवण्ड में भारी तदाद में होने के बाद भी राजनैतिक उपेक्षित हैं | क्यों? 1-कायस्थ राजनीति की अपेक्षा नौकरी को तरजीह दे रहा है। 2-कायस्थों ...

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मुद्दा :आखिर कायस्थ समाज जाती को ही ना मानने वाले कायस्थ कामरेडों को क्यूँ सपोर्ट दे ?

आज एक फेसबुक पोस्ट पर एक श्रीवास्तव नेता को जन्मदिन  की बधाई दी रही है I मजे दार  बात ये है  की उन्हें वहां  कामरेड भी कहा  जा  रहा है I मतलब  सारी उम्र जाती को ना मानने  वाले  कामरेड को कायस्थ ही अपना नेता मानने  जा  रहे  है ? ऐसे  में सवाल ये  है की  जिसने  अपनी सारी जिंदगी ...

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स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्र विचार : हमारी कौम सहायता करने के लायक भी नहीं है – महथा ब्रज भूषण सिन्हा

कहाँ से शुरू करूँ? ठीक है, घर से ही शुरू करता हूँ. चार भाई. बड़े होते गए और जगह बदलती गई. तीसरा मैं हूँ अतः अपने दोनों बड़े भाईयों के पास आता जाता रहा. डांट खाया तो एकता खंडित और पेंडें मिले तो भैया के कदमो में स्वर्ग. मैं भी बड़ा हो गया और अपने छोटे के लिए वही रवैया. ...

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