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चौपाल

राजस्थान में मनीष श्रीवास्तव जी द्वारा समाज को विकृत करने की साजिश रची गई तो ललित सक्सेना उन्हें कभी माफ नहीं करेगा- ललित सक्सेना

दोस्तों साथियों समाज बंधुओं हमारे कायस्थ समाज में संगठनों की कोई कमी नहीं हर घर से एक अध्यक्ष है और हर घर से एक कार्य करता है परंतु बड़े ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारा कायस्थ समाज आज इन राजनीतिक नेताओं के चक्कर में दिग्भ्रमित हो रहा है और समाज को एक करने का दावा करने ...

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दिशाविहीन हो रहे कायस्थ समाज को कौन राह दिखाए : राजीव रंजन

एक संगठन कहता है कि कायस्थ समाज अगर अपना हित चाहता है तो जंतर-मंतर पर जुटे, तो दूसरा कह रहा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तो कोई मध्य प्रदेश तो कोई कहीँ और फिर किसी की आवाज़ आती है कि हम किसी से कम नहीं, तो कोई कहता की अगर हमारा हिस्सा नहीं मिला तो हम सरकार की ईट से ...

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प्रेरकप्रसंग : कोई फर्क नही पड़ता कितनी बार हमारा अपमान होता है, फ़र्क़ सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उन सबका सामना किस प्रकार करते हैं

समाज में मान -अपमान , एक दुसरे को नीचे दिखाने या बदला लेने जैसी तमाम बातें चलती रहती है लोग समाज के लिए एक होने की जगह अपने ही अहंकार और प्रतिष्ठा की लड़ाई को मुख्य बनाए रखते है और ऐसे में समाज हिट की बातें कहीं पीछे चली जाती है , आज पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ...

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शक्ति आराधना एवं विजया दशमी के अवसर पर आपसे दो शब्द – महथा ब्रज भूषण सिन्हा

हम अपने संस्कृति के प्रसिद्ध त्योहार दुर्गा पुजा एवं विजया दशमी का त्योहार मना रहे हैं। नौ दिन तक हम शक्ति की अराधना करते हैं तत्पश्चात, आसुरी शक्तियों पर विजय का पर्व विजयदशमी मना कर आनेवाले वर्ष के लिए एक असीम ऊर्जा से भर जाते हैं। एक संतोष एवं आत्मविश्वास हमारे मन मे उदित हो जाता है जिससे हम नित्य ...

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राजनीती : आपातकाल में जेपी के बाद एक बार फिर विपक्ष तैयार करने की ज़िम्मेदारी कायस्थ ही उठाएंगे

कायस्थ खबर डेस्क I मोदी सरकार को ३ साल हो गये है I लगभग १.५ साल बाद चुनाव होने की तैयारी भी सभी पार्टियों में शुरू हो गयी है I बीजेपी में भी अब तक मोदी की प्रचंड जीत के कारण चुप रहने वाले नेता अब खुल कर सरकार की नीतियों की आलोचना करने लगे है I सबसे बड़ी पहल ...

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बड़ा सवाल : कायस्थ संस्थाओं के प्रचार और एजेंडे कायस्थखबर क्यूँ चलाये ?

प्रिय बंधुओ, जय चित्रांश आज फिर सुबह से तीन बार अलग अलग तरीके से मुझे कुछ संस्थाओं के लोगो को खबर और एजेंडे का फर्क समझाना पड़ रहा है I ये जानकार अच्छा लगता है की आप सभी लोगो का कायस्थ खबर पर विशवास दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है और यही विशवास के चलते आप लोग लगातार कायस्थ खबर की ...

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कशमकश : क्रेडिट स्नेचिंग के खेल में कायस्थों की मदद करना मत भूल जाना मेरे भाइयो, लड़ाई अभी बाकी है

मित्रो बीते ३ दिन से कायस्थ समाज के कई लोग अपने अपने स्तर से एक कायस्थ बच्ची के अपहरण के केस के सिलसिले में भाग दौर कर रहे  थे I समाज का अलग अलग तरीको और जगहों से दबाब रंग लाया और अंतत बच्ची सकुशल घर वापस आ गयी I खैर बच्ची को कल इलाहबाद के स्टेशन से बरामद किया ...

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सुनियोजित संघर्ष का परिणाम सदैव सुखदायक,अब जाकर मिला चैन तीन दिन से थे बैचेन !- धीरेन्द्र श्रीवास्तव

साथियों, सभी सर्तक तथा जागरूक साथी बधाई के पात्र है जिन्होंने अपने समाज व विशाल परिवार के ऊपर गाहे बगाहे होने वाले अप्रिय अपमानो की स्थिति से निपटने व उबरने के लिये न केवल सोशल मीडिया बल्कि धरातल पर भी सक्रिय प्रयास करते है और परिणाम अपने समाज के पक्ष में कर ले जाते है। ताजा उदाहरण खलीलाबाद की बिटिया के अपहरण ...

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कायस्थवृन्द सभी संस्थाओं की परेशानियों एवं उसके निवारण का एक अति उत्तम मंच है – सुमन कुमार वर्मा

आदरणीय धीरेन्द्र श्रीवास्तव जी , मैं आज तक यही जनता था कि कायस्थवृन्द एक संस्था है। शायद यह मेरा सोचना गलत था या मेरा दुर्भाग्य था की कायस्थवृन्द को समझ नहीं पाया। लेकिन आपके इस पोस्ट से आज मैं पूरी तरह संतुष्ट हो गया हुँ कि कायस्थवृन्द क्या है। मैं खुद ही एक सामाजिक संस्था का पदाधिकारी हुँ, परन्तु कायस्थवृन्द ...

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भाई योगेंद्र श्रीवास्तव जी, भाई धीरेन्द्र श्रीवास्तव जी,…आप दोनों से मेरी यही प्रार्थना है की अब विवाद को यहीं समाप्त करें ….. पवन कुमार श्रीवास्तव

आदरणीय भ्राता , धीरेन्द्र श्रीवास्तव जी, कायस्थवृन्द, बहुत खेद और दुख का विषय है की, जहां हम सभी के समय का सदुपयोग कायस्थ समाज के उत्थान और कल्याण में लग्न चाहिए, वहां हम सभी विवाद और स्पष्टीकरण में ही लगे रहते हैं...क्या फर्क पड़ता है की कौन किस संस्था का सदस्य है, क्या आवश्यकता है किसी से भी ये कहने ...

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