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चौपाल

मुद्दा : हर मंत्रीमंडल विस्तार के बाद कायस्थों की उपेक्षा पर दुसरो को कोसने की जगह राजनैतिक दावेदारी मजबूत करना ज़रूरी है

सम्पादकीय I केन्द्रीय मंत्रीमंडल में विस्तार के साथ ही आज एक बार फिर से सोशल मीडिया कायस्थ समाज के स्वयंभू नेताओं और चाटुकारों का रुदन चालु हो गया I सभी एक सुर में कायस्थों को जगह ना देने की बात पर व्हाट्स अप्प ग्रुपों पर शोर मचाये है I व्हाट्स अप्प ग्रुपों और फेसबुक पर लोगो के आक्रोश को देख ...

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रविवार विशेष : कायस्थ समाज में अमीर और गरीब कायस्थ के बीच की खायी बढ़ रही है

आशु भटनागर I कायस्थ समाज में संगठनो की लड़ाई के बाद युद्धविराम का दौर है I आरोप प्रत्यारोप अब पुरानी बात होते जा रहे है जो की निश्चित ही एक अच्छा संकेत है , समाज में पवित्र समाजसेवी और स्वयंभू नेता हाशिये पर जा चुके है I  लेकिन समाज में इस शान्ति के बड़े मायने खोजने की ज़रूरत है दरअसल ...

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सर्वानंद सर्वज्ञानी की कलम से……………… मम्मी, मैं कब बाप बनूँगा?

संगठन शब्द आते ही पहली बात जो मन मे उठती है, वह है सरकार द्वारा निबंधित है क्या? उसके बाद दूसरा प्रश्न- अध्यक्ष कौन व्यक्ति हैं? इसका अर्थ यह नहीं कि आप उन्हे जानते हैं अथवा नहीं? तीसरा प्रश्न- संविधान क्या है? अब जब सोच थोड़ी आगे बढ़ती है तो संगठन से जुड़े पदाधिकारियों पर नजर जाती है। कोई हमारा ...

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स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता का मतलब भी समझे कायस्थ समाज … एक निरंकुश नेत्री की अबला कायस्थ महिला के चरित्र हनन पर विशेष

देश आज स्वतंत्रता दिवस मना  रहा है,  हम सब भी एक दुसरे को इस महान पर्व की बधाई दे रहे है , कायस्थ समाज के सभी लोगो ने सोशल मीडिया पर बधाई देने का जो उत्साह दिखाया हुआ है वो काबिले तारीफ़ भी है I लेकिन इस सब के बीच एक सवाल भी उठ रहा है की आखिर इस स्वतंत्रता ...

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मुद्दा : राजनीती चमकाने में गर्त में जा रही है कायस्थ समाज की महिला नेत्री,अन्य महिलाओं के चरित्रहनन पर उतरी : करुन श्रीवास्तव

एक बात सिद्ध होती है कि औरत ही औरत की दुश्मन होती है आप लोग एक दूसरे पर इलज़ाम लगा कर क्या हासिल कर लेंगे बस थोड़ी सी वाहवाही क्या इससे समाज की अन्य जिम्मेदारियों की पूर्ति हो जाएगी? आप लोग इलज़ाम लगाकर सम्मानित होने का कार्य नही कर रहीं बल्किन स्वयम निर्वस्त्र हो रही हैं इसमें कोई दो राय ...

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मुद्दा : कायस्थ संगठनो और नेताओं से राकेश श्रीवास्तव के १० तीखे सवाल

कायस्थ खबर डेस्क I कायस्थ समाज की स्थिति पर यूँ तो पहले भी लोग अपना विश्लेषण प्रस्तुत करते रहे है और समय समय पर अपने अपने हिसाब से परिवर्तन भी करने की कोशिश करते रहे है लेकिन समाज की संरचना कहे की ख़राब होती स्थिति की पराकाष्ठा , सब प्रयास राजनीती में खो जाते है I एक कडवा सच ये ...

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धीरेन्द्र श्रीवास्तव व हमारी सोसायटी पर नाना प्रकार के झूठे व मनगढंत कथायें व आरोप लगाने वाले सबूत दें – राजेश कुमार श्रीवास्तव

चूंकि प्रकरण न्यायालयाधीन है जिस कारण हम सब किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बचते है जिसका लाभ उठाकर कायस्थ समाज को भरमाने व बरगलाने वाले लोग कायस्थ समाज के एकता व विकास के लिये प्रयासरत बड़े भाई श्री धीरेन्द्र श्रीवास्तव व हमारी सोसायटी पर नाना प्रकार के झूठे व मनगढंत कथायें व आरोप लगाते रहते है। ज्ञात हो कि ...

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“कायस्थ समुदाय समझ न सका लोकतंत्र में विद्वता से अधिक महत्वपूर्ण है वोट की ताकत” बिहार में एक बार फिर से मात खाने पर एक रिपोर्ट

कायस्थ समाज एक बार फिर से चर्चा में है, बिहार में जद यु और बीजेपी की संयुक्त सरकार में कायस्थ समाज से एक भी मंत्री नहीं बनाया गया है , ऐसे में बिहार में कायस्थ समाज में हताशा चरम पर है, आर के सिन्हा समेत कई नेता बीजेपी से ही नाराजगी प्रकट कर रहे है I लेकिन कायस्थों को एक ...

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बिहार मंत्रीमण्डल का विस्तार और एक भी कायस्थ का प्रतिनिधित्व न होना दुःखद है : धीरेन्द्र श्रीवास्तव

बिहार मंत्रीमण्डल का विस्तार और एक भी कायस्थ का प्रतिनिधित्व न होना तब और दुःखद है जबकि सत्तारूढ़ प्रमुख घटक में सर्वश्री पवन वर्मा जी,राजीव रंजन जी,और श्री अजय आलोक जी जैसे व्यक्तित्व कर्मठता से उपलब्ध है।मेरी इन मित्रो से व्यक्तिगत मुलाकात के आधार पर मै यह कह सकता हूँ कि इन सभी में "सुशासन"की स्थापना में सहयोग करने के ...

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हमारी उपेक्षा या दुर्दशा क्यों है ? इस पर भी यह समाज कभी विचार करेगा,आत्मविश्लेषण भी करेगा -विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ

झारखंड और अब बिहार राजनीति में कायस्थ समाज की उपेक्षा को लेकर हमारा समाज उद्वेलित है, होना भी चाहिये ! हमारी उपेक्षा या दुर्दशा क्यों है ? इस पर भी यह समाज कभी विचार करेगा, अपने स्वयं का आत्मसाक्षात्कार और आत्मविश्लेषण भी करेगा ? या केवल राजनैतिक दलों को ही कोस ने में ही अपने कर्तव्यों की इतिश्री मानता रहेगा ...

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