Check the settings
Templates by BIGtheme NET
Home » आपकी बात » कायस्थों का स्त्रोत और उत्पत्ति कैसे हुई – डा संजय श्रीवास्तव

कायस्थों का स्त्रोत और उत्पत्ति कैसे हुई – डा संजय श्रीवास्तव

81p0Bn3Lc5L._SL1296_कायस्थों का स्त्रोत भग्गवान श्री चित्रगुप्तजी महाराज को माना जाता है |कहा जाता है कि ब्रह्मा ने चार वर्ण बनाये (ब्राह्मण, क्षत्रीय, वैश्य, शूद्र) तब यमराज ने उनसे मानवों का विव्रण रखने मे सहायता मांगी।

फिर ब्रह्मा ११००० वर्षों के लिये ध्यानसाधना मे लीन हो गये और जब उन्होने आँखे खोली तो एक पुरुष को अपने सामने कलम, दवात-स्याही, पुस्तक तथा कमर मे तलवार बाँधे पाया। तब ब्रह्मा जी ने कहा कि "हे पुरुष! क्योकि तुम मेरी काया से उत्पन्न हुए हो, इसलिये तुम्हारी संतानो को कायस्थ कहा जाएगा। और जैसा कि तुम मेरे चित्र (शरीर) मे गुप्त (विलीन) थे इसलिये तुम्हे चित्रगुप्त कहा जाएगा "

श्री चित्रगुप्त जी को महाशक्तिमान क्षत्रीय के नाम से सम्बोधित किया गया है
कायस्थ की १२ शाखाएं हैं - 
श्रीवास्तव, सूर्यध्वज, वाल्मीक, अष्ठाना, माथुर, गौड़, भटनागर, सक्सेना, अम्बष्ठ, निगम, कर्ण, कुलश्रेष्ठ | 

इन बारह पुत्रों का वृतांत नीचे दिया जा रहा है | जिसका उल्लेख अहिल्या, कामधेनु, धर्मशास्त्र एवं पुराणों में भी दिया गया है | श्री चित्रगुप्तजी महाराज के बारह पुत्रों का विवाह नागराज बासुकी की बारह कन्याओं से सम्पन्न हुआ, जिससे कि कायस्थों की ननिहाल नागवंश मानी जाती है और नागपंचमी के दिन नाग पूजा की जाती है | माता नंदिनी के चार पुत्र काश्मीर के आस -पास जाकर बसे तथा ऐरावती / शोभावति के आठ पुत्र गौड़ देश के आसपास बिहार, उड़ीसा, तथा बंगाल में जा बसे | बंगाल उस समय गौड़ देश कहलाता था, पदम पुराण में इसका उल्लेख किया गया है |

आप की राय

comments

About कायस्थ खबर

कायस्थ खबर(http://kayasthakhabar.com) एक प्रयास है कायस्थ समाज की सभी छोटी से छोटी उपलब्धियो , परेशानिओ को एक मंच देने का ताकि सभी लोग इनसे परिचित हो सके I इसमें आप सभी हमारे साथ जुड़ सकते है , अपनी रचनाये , खबरे , कहानियां , इतिहास से जुडी बातें हमे हमारे मेल ID kayasthakhabar@gmail.com पर भेज सकते है या फिर हमे 8826511334 पर काल कर सकते है आशु भटनागर सम्पादक कायस्थ खबर

8 comments

  1. Please avoid ego dear citransh
    Aj b jub call kerke sms kerke ya mil k bat kerte h kisi kayasth se to wo interest nahi leta frds pls support to each kayasth nahi to gayab ho jaoge samaj se mere area me kafi family h jinko pata he nahi h ki baki or b kayasth bhai unke liy uplabdh h to bhaiyo aa jao sub ek jagah ek stage per sub kam ho jayega me viswas dilata hu

    Call me missed me sms me I will contact you definitely and come with you in all situations

    Rohit saxena
    Ghaziabad
    09761118216

  2. संजय श्रीवास्तव

    पुरे भारत के कायस्थ एक होने का प्रयास करे ।इस कार्य में हम आपको जोभी सह योग चाहिए देने को तयार है।

  3. Dhiraj Kumar Srivastava

    Dear friend Rohit Saxena
    My Self Dhiraj Kumar Srivastava. basically i m from Siddharth Nagar (in between Basti & Gorakhpur). Presently i m in Kanpur & doing Govt. Job (Ordnance Factory,Kanpur). i m always ready to help anyone but i m very happy when needy person is kayasth. here we are operating a free marriage Bureau for every one.
    thanks

  4. विश्व चित्रगुप्त संगठन परिवार

    चित्रांस (चित्रगुप्त) परिवार के लियें
    आप सभी को नमस्कार चित्रांस परिवार के तरफ से।
    हम सब का संकल्प :-
    विश्व के सरे चित्रांस (चित्रगुप्त) परिवार को एक साथ जोड़ना ।
    :– चित्रांस परिवार के सदस्य, आज हम इतने बिखर गए है की लोगो को लगता है की हमारा अस्तित्व ही खत्म हो गया है?
    गांव से ले के शहरों तक हम अपने ही भाईयो बहनो को नही पहचान पाते है, हमारी एकता ख़त्म हो चुकी है।
    क्या हम सब मिलकर इस एकता को कायम नही कर सकते ? ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी को कभी ये दिकत न हो की हमारे भाई कहा है, हम जहाँ भी रहे हमारे भाइयो को सभी जाने और पहचाने, और हमारा पहचान फिर से कायम हो ।
    हमारे भाई बहन कही मिले तो किसी को ये न पूछना पड़े की आप कोण हो , हम देखते ही अपने भाइयो को पहचान जाये ।
    अतः आप सभी चित्रांस परिवार से निबेदन है, की इस संदेस को जादा से जादा चित्रांस परिवारो के पास पहुचाये ताकि सभी लोग जुड़ सके ।
    और हम सब अपने चित्रांस परिवार वालो को आग्रह करे की “विश्व चित्रगुप्त संगठन परिवार से जुड़े ।
    मेरे चित्रगुप्त भाइयो और बहनो अगर हम एक साथ चारो दिशा में एक एक कदम चले तो हमें आगे जो मिले उन्हें एक एक कदम चलने को कहे तो आने वाले समय में हम सब एक दूसरे से जुड़ जायेंगे ।
    अतः आप सभी चित्रांस परिवार के सदस्यों से निबेदन है की अपनी कीमती समय में से कुछ समय निकल कर अपने परिवार के साथ बिताये और आगे बढ़ने का रास्ता दिखये।

    आपका सेवक :- शेषान्त कुमार श्रीवास्तव
    गोपालगंज (बिहार) का निवासी हु ।

    विश्व चित्रगुप्त संगठन परिवार का Facebook ID:- ssheshant7@gmail.com

    E-mail ID :- sheshantshrivastava@gmail.com

    mobile number:-
    09727046256
    WhatSapp number:-
    8306404550

    देखना है आने वाला चित्रगुप्त पूजा में हमारा कितना परिवार विश्व चित्रगुप्त परिवार के साथ चित्रगुप्त पूजा मनाता है

    आप सभी को इस संदेस को जितना हो सके उतना फैलाय की कोई हमारा परिवार छूटे न

    जय श्री चित्रगुप्त जी महाराज

    Citrans (Chitra) family Liyen
    Hello to all of you on behalf of the family Citrans.
    We all commit to: –
    World’s Surrey Citrans (Chitra) to piece together the family.
    – Citrans family member, today we have so many people feel scattered over our existence?
    We have our own brothers and sisters from the village to the cities not to recognize that our unity is over.
    Together we can not maintain this unity? So that our future generations will not ever Dikt of these our brothers have said, wherever we are all our brothers and recognize our identity and be reset.
    So someone had told us that siblings who are you to ask them to, we should recognize their brothers.
    So you have all Citrans Nibedn family, the message to the families of the atmost Citrans Phuchaye so everyone can join.
    Urged all of the family members and we all Citrans “World Chitra organization involving family.

    So you have all Citrans Nibedn family members take the time out of your precious time spent with your family and move Dikye way.

    Your servant: – Seshant Kumar Srivastava
    Gopalganj (Bihar) resident.

    World Family Organization Chitra Facebook ID: – ssheshant7@gmail.com

    Email Id: – sheshantshrivastava@gmail.com

    Mobile Number: –
    09727046256
    Whatsapp number: –
    8306404550

    Come see how our family in worship world Chitra Chitra Chitra worship celebrates with family

    The message to all of you as possible to any of our family left not Failay

    Jai Shri Chitra ji

  5. Mujhe bhaut khushe hote JB PTA chalta smne wla kayasth hai

  6. Ambrish shrivastava

    Mai apne aap me praud fill krta hu jb mai sir utha kr khta hu mai kayasth hu ……

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*