Check the settings
Templates by BIGtheme NET
Home » गीत/कविता » कविता : महिला दिवस मुझे हर रोज चाहिए,महिला दिवस के लिए आभार – अलोक श्रीवास्तव

कविता : महिला दिवस मुझे हर रोज चाहिए,महिला दिवस के लिए आभार – अलोक श्रीवास्तव

मैं मौन हूँ ,,मैं अबला हूँ ,,मैं शोषित हूँ ,,,मैं नारी हूँ ।।
उत्थान पर हूँ ,,आसमान पर हूँ बुलंदीओ पर हूँ ,,मैं नारी हूँ ।।।

मैं जगतजननी हूँ,मैं आधी आबादी हूँ ,,मैं अर्धांगिनी हूँ ,,मैं नारी हूँ ।।।।

मुझे सामान अधिकार चाहिए

मुझे सामाजिक सुरक्षा चाहिए

मुझे कोख में सुरक्षा चाहिए

मुझे सामान सम्मान चाहिए

महिला दिवस मुझे हर रोज चाहिए ,,महिला दिवस के लिए आभार ।।

रचना--आलोक श्रीवास्तव , #AlokSrii

आप की राय

comments

About कायस्थ खबर

कायस्थ खबर(http://kayasthakhabar.com) एक प्रयास है कायस्थ समाज की सभी छोटी से छोटी उपलब्धियो , परेशानिओ को एक मंच देने का ताकि सभी लोग इनसे परिचित हो सके I इसमें आप सभी हमारे साथ जुड़ सकते है , अपनी रचनाये , खबरे , कहानियां , इतिहास से जुडी बातें हमे हमारे मेल ID kayasthakhabar@gmail.com पर भेज सकते है या फिर हमे 8826511334 पर काल कर सकते है आशु भटनागर सम्पादक कायस्थ खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*