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कायस्थखबर लाया है आपके व्यक्तिगत/व्यवसायिक पहचान को समाज तक पहुंचा कर सामूहिक लाभ में बदलने की योजना http://kayasthakhabar.com/?p=9033 जानिये कैसे आप अपने व्यवसाय की पहचान कायस्थ समाज के सभी लोगो तक पहुंचा कर लाभ कमा सकते है

मुंशीप्रेमचंद की जयंती का दिन बना abkm का अखाडा, पब्लिक समारोह में कमल श्रीवास्तव भूले मर्यादा, महिला पदाधिकारी रोते हुए बाहर गयी

कायस्थ खबर ब्यूरो I कायस्थ समाज यूँ तो बुद्धिजीवी समाज है लेकिन आपस में ही इनके इतने मतभेद और लड़ाई रहती है की ये कभी भी एक नहीं हो पाए है I कायस्थ समाज के संगठनों की आपसी लड़ाई तो अलग अलग दिशाओं में चलती ही रहती है , इनके पदाधिकारियों की भी लड़ाई कभी कायस्थ समाज को एक नहीं होने देती I हालत ये है  व्यक्तिगत लाभ और फायदे के लिए आपस में कौन से मुद्दे को पब्लिक उठाना है और कौन से मुद्दे को संगठन के फोरम, ये शायद ही कायस्थ समाज के नेता समझ पाए हो I

ऐसा ही एक वाक्य हुआ पिछले हफ्ते शाहजहापुर में हुआ , जहाँ कार्यक्रम तो मुंशीप्रेम चन्द्र की जयंती का था लेकिन लगभग हाशिये पर पड़े एक पदाधिकारी कमल कुमार श्रीवास्तव ने ऐसा ही मोहोल बना दिया की ABKM के वरिष्ठ पदाधिकारियों की रुसवाई सरे आम हुई और एक वरिष्ठ महिला पदाधिकारी रोते हुए कार्यक्रम से बाहर गयी

तो जनाब जहाँ मुंशी प्रेमचंद की जीवनी बतानी थी , कमल कुमार श्रीवास्तव अपना अलग ही गाना लेकर बैठ गए की विधान सभा चुनावों में कुछ लोगो ने कायस्थ प्रत्याशी की जगह बीजेपी प्रत्याशी के लिए वोट क्यूँ मांगे ?
खैर सवाल का उठना था की लोगो की प्रतिक्रियाये उनके अनुरूप ही आने लगी बिना पूरी बात जाने लोगो का एक झुण्ड (संभवत कमल समर्थक ) इस पर हंगामा करने लगे I

लेकिन इस सब में बड़ी बात ये की हाशिये पर पड़े कायस्थ समाज और उनके नेताओं की आपसी खीचातानी में खबर ये नहीं है की समाज ने एक होकर अपने समाज के एक व्यक्ति को याद किया , खबर ये है की सामाजिक संगठन के नेता समाज के एक महापुरुष की जयंती के दिन आपस में जोर आजमाइश कर रहे थे I

ऐसे में कमल श्रीवास्तव सरीखे नेताओं से सवाल तो पूछे ही जाने चाहए की आखिर जो सवाल संगठन के अंदर उठाये जाने चाहए थे वो पब्लिक फोरम में गलत जगह उठा कर उन्होंने समाज का क्या भला कर दिया, क्या उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा इस कदर महत्वपूर्ण हो गयी की मुंशीप्रेम चंद की जयंती को भी विवादित बना गए

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3 comments

  1. आदरनिये अर के सिंनहा जी से अनुरोध है कि वोह नीतीश मिलकर बिहार सरकार कायस्तो कि सहभागिता देने का प्रयास करें।

  2. आदरनिये अर के सिंनहा जी से अनुरोध है कि वोह नीतीश जी से मिलकर बिहार सरकार में कायस्तो कि सहभागिता देने का प्रयास करें।

  3. ए के श्रीवास्तव जी ,परिया जी,और सारंग ने अनुरोध है कि सभी गुट के एकीकरण के प्रयास करें।पद लोलुपता में ना पड़ कर एकता के लिए कार्य करे

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