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कहानिया

प्रेरकप्रसंग : कोई फर्क नही पड़ता कितनी बार हमारा अपमान होता है, फ़र्क़ सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उन सबका सामना किस प्रकार करते हैं

समाज में मान -अपमान , एक दुसरे को नीचे दिखाने या बदला लेने जैसी तमाम बातें चलती रहती है लोग समाज के लिए एक होने की जगह अपने ही अहंकार और प्रतिष्ठा की लड़ाई को मुख्य बनाए रखते है और ऐसे में समाज हिट की बातें कहीं पीछे चली जाती है , आज पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ...

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भगवान् चित्रगुप्त के चमत्कार की सच्ची कहानी .. एक भक्त की जुबानी ..

मेरा जन्म एक सम्पन्न कायस्थ परिवार में हुआ था , सम्पन्न होने के नाते पिताजी और माताजी को हमे देने के लिए समय बहुत कम मिलता था जिसके चलते हमारा बचपन हमने दायीं माँ के साथ बिताया और जब कुछ बड़े हुए तो घर वालों ने बोर्डिंग में डाल दिया ।        वहां हमे अच्छी शिक्षा मिली और ...

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प्रेरक प्रसंग : सफलता तो बड़ी आसानी से मिल जाती है लेकिन सफलता की तैयारी में अपना जीवन कुर्बान करना होता है। – आर के सिन्हा

पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्में एक बहुत मशहूर चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं। एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वो दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली – "सर मैं आपकी बहुत बड़ी फैन ...

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लाखों में एक है बीजेपी सांसद श्री ” RK Sinha जी” आपके जन्मदिन पर कुछ लिख दूं – आलोक श्री

खुशियों से महके आपका संसार , जिंदगी हो हर पल ऐसे जैसे बागों में बहार न आये कभी कोई गम जिंदगी में , यही दुआ भगवान से करते है हम बार - बार ! आपकी उम्र हो साल हजार उच्चाईयों को छुते रहे आप आपको मिले हर बड़ा सम्मान मेरे दादा जी लाखों में एक है बीजेपी सांसद श्री " ...

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प्रेरक प्रसंग : डा राजेन्द्र प्रसाद

ड़ॉ श्रीराजेन्द्रप्रसाद राष्ट्रपति बनने से पूर्व पटना उच्चन्यायालय में वकालत करते थे ! कायस्थ  नेता की जीवनचर्या सात्विक थी ! एक दिन एक व्यक्ति इनके पास आया और कहा- वकील साहब ! मेरी विधवा चाची की कोई सन्तान नहीं है , उसकी जायदाद मेरी हो जाए , ऐसी कानूनी व्यवस्था कर दें ! . चाची क्या चाहती हैं , राजेन्द्र ...

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एक संवाद…… sanjeev saxena

मुशीं फैज अली ने स्वामी विवेकानन्द से पूछा : "स्वामी जी हमें बताया गया है कि अल्लहा एक ही है। यदि वह एक ही है, तो फिर संसार उसी ने बनाया होगा ?" स्वामी जी बोले, "सत्य है।" मुशी जी बोले ,"तो फिर इतने प्रकार के मनुष्य क्यों बनाये। जैसे कि हिन्दु, मुसलमान, सिख्ख, ईसाइ और सभी को अलग-अलग धार्मिक ...

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