इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में, सिद्धार्थ नंदन को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उन्होंने 27 सितंबर, 2025 को विधिवत रूप से इस पद का कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति के साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि हुई है।
यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों का हिस्सा है, जिसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कुल 26 जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। स्वीकार किए गए नामों की सूची जारी कर दी गई है, जिसमें 14 न्यायिक अधिकारी और 12 अधिवक्ता शामिल हैं। सिद्धार्थ नंदन इसी अनुमोदित सूची का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
न्यायाधीश सिद्धार्थ नंदन का Allahabad में 27 सितंबर, 2025 को शामिल होना और इसी दिन उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होना, उनके न्यायिक करियर के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने इलाहाबाद में अपनी सेवाएं शुरू की और अब वे उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित पद पर आसीन हुए हैं।
यह नियुक्ति न्यायपालिका में अनुभवी व्यक्तियों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं दोनों को न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत करने का कॉलेजियम का निर्णय, न्याय प्रणाली में विविध अनुभवों और विशेषज्ञता को लाने का प्रयास दर्शाता है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय, उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए न्याय का एक प्रमुख केंद्र है, और न्यायाधीशों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करना त्वरित और कुशल न्याय वितरण के लिए महत्वपूर्ण है। न्यायाधीश सिद्धार्थ नंदन की नियुक्ति के साथ, न्यायालय की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आने की उम्मीद है।
यह पदोन्नति न्यायाधीश सिद्धार्थ नंदन के समर्पण और न्यायिक सेवाओं में उनके योगदान का प्रमाण है। वे अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपनी नई भूमिका में न्याय प्रदान करने और कानून के शासन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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