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गीत/कविता

सोनू निगम का पक्ष ले आह्वान कर रहे हम सब जन – डॉ ज्योति श्रीवास्तवा

एकता ... एकता... एकता !! एकता एकम एकता, एकता दूजे ताना, एकता तीजे खींच-तान ------------------------------- क्षमा करें सभी आज कुछ धृष्टता का मन है। मन है... क्योंकि ये व्यथित है। व्यथित है क्योंकि अजीब सी उलझन है। उलझन कि हम क्या कर रहे हैं? जो कर रहे हैं वो क्यों कर रहे हैं? सबके मन में है क्या ये तो ...

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घर का चक्कर : महथा ब्रज भूषण सिन्हा

पूछा किसी से, भाई कैसी यह कतार है? आगे, एक बड़ा सा सुसज्जित लगा दरबार है. दरबार व कतार के बीच, दिखती अँधेरी पट्टी, उसके आगे में सिर्फ एक ही करतार है. लोग बढ़ते हैं आगे, और अँधेरे में हो रहे गुम. इक्का-दुक्का पहुँच रहे करतार तक चुन-चुन. मैं भी कतार में लगा, देखने की ललक लगाए. अँधेरे तक पहुंचते ...

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कविता : नारी का सम्मान जहाँ, सुख की बारिश सदा वहाँ – डॉ ज्योति श्रीवास्तव

नारी है अभिव्यक्ति का नाम नारी इच्छाशक्ति का नाम। नारी कोे कम मत समझो, ये सबल रूप संयम का नाम। माँ जो पूज्यनीया गुरु प्रथम, बहन बचपन का साथी। प्रेयसी सुख का भान कराती, पत्नी सुख-दुख की साझी। नारी के बिना ज्ञान अधूरा, मानव का संसार न पूरा। जन्मदायिनी, शोकनाशिनी, कुछ शोखी कुछ सादगी। जग ने काँटे खूब बिछाए, आँचल ...

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कविता : महिला दिवस मुझे हर रोज चाहिए,महिला दिवस के लिए आभार – अलोक श्रीवास्तव

मैं मौन हूँ ,,मैं अबला हूँ ,,मैं शोषित हूँ ,,,मैं नारी हूँ ।। उत्थान पर हूँ ,,आसमान पर हूँ बुलंदीओ पर हूँ ,,मैं नारी हूँ ।।। मैं जगतजननी हूँ,मैं आधी आबादी हूँ ,,मैं अर्धांगिनी हूँ ,,मैं नारी हूँ ।।।। मुझे सामान अधिकार चाहिए मुझे सामाजिक सुरक्षा चाहिए मुझे कोख में सुरक्षा चाहिए मुझे सामान सम्मान चाहिए महिला दिवस मुझे हर ...

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बढ़ चले वीर नेता जी के पूरी आजादी लाने को, चढ़ आई आजाद हिंद ब्रिटिश साम्राज्य मिटाने को : नेता जी सुभाष चंद्र बोस जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में काव्य श्रद्धासुमन -कवि ‘चेतन’ नितिन खरे

नेता जी सुभाष चंद्र बोस जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में उनके जीवन एवं हिंदुस्तान की स्वतंत्रता हेतु उनके संघर्ष को एक कविता के माध्यम से आप तक पहुंचाते हुए उन्हें काव्य श्रद्धासुमन जिनके कारण हमें गुलामी की पीड़ा से मुक्ति मिली, जिनके कारण हमको पावन लोकतंत्र की शक्ति मिली, जिनके कारण आजादी ने खुलकर के अंगड़ाई ली, जिनके कारण ...

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भगवान् चित्रगुप्त के चमत्कार की सच्ची कहानी .. एक भक्त की जुबानी ..

मेरा जन्म एक सम्पन्न कायस्थ परिवार में हुआ था , सम्पन्न होने के नाते पिताजी और माताजी को हमे देने के लिए समय बहुत कम मिलता था जिसके चलते हमारा बचपन हमने दायीं माँ के साथ बिताया और जब कुछ बड़े हुए तो घर वालों ने बोर्डिंग में डाल दिया ।        वहां हमे अच्छी शिक्षा मिली और ...

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कायस्थ खबर वार्षिक लेखा जोखा : क्या करूँ, कैसे करूँ 2016 का लेखा-जोखा, पुरे वर्ष अपने लोग ही कर रहे अपनो से धोखा. mbb सिन्हा

साल 2016 अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। रांची से mbb sinha जी एक कविता भेजी है ,  प्रस्तुत है चंद दिनों में सिमट जानेवाले वर्ष 2016 का. 2016 का संघर्ष क्या करूँ, कैसे करूँ 2016 का लेखा-जोखा, पुरे वर्ष अपने लोग ही कर रहे अपनो से धोखा. बड़े और राष्ट्रीय संगठन के विधिक उतराधिकारी, बन गए हैं कायस्थ ...

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प्रेरक प्रसंग : सफलता तो बड़ी आसानी से मिल जाती है लेकिन सफलता की तैयारी में अपना जीवन कुर्बान करना होता है। – आर के सिन्हा

पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्में एक बहुत मशहूर चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं। एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वो दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली – "सर मैं आपकी बहुत बड़ी फैन ...

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लाखों में एक है बीजेपी सांसद श्री ” RK Sinha जी” आपके जन्मदिन पर कुछ लिख दूं – आलोक श्री

खुशियों से महके आपका संसार , जिंदगी हो हर पल ऐसे जैसे बागों में बहार न आये कभी कोई गम जिंदगी में , यही दुआ भगवान से करते है हम बार - बार ! आपकी उम्र हो साल हजार उच्चाईयों को छुते रहे आप आपको मिले हर बड़ा सम्मान मेरे दादा जी लाखों में एक है बीजेपी सांसद श्री " ...

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कायस्थ भैया हुये उपेक्षित,राजनीति में जीरो।

कायस्थ भैया हुये उपेक्षित, राजनीति में जीरो। कोई नहीं पूछता इनको, कल के थे जो हीरो।। ज्यादा बुद्धिमान बनने से, सबसे ये टकराते। अनुशासन की कमी से भैया, एक नहीं हो पाते।। एक बनो तुम नेक बनो तुम, यह विचार हो प्यारा। कायस्थ जाति महान तुम्हारी, यही है मंत्र हमारा।। विना राजनीति के जीना, प्रजातंत्र में है भारी । कष्ट ...

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