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Author Archives: कायस्थ खबर

बिहार में राजनैतिक उपेक्षा से एक हो रहे है कायस्थ नेता, क्या बदलेगी फिजा,क्या कैबिनेट विस्तार में मिलेगा कायस्थों को मौका !!

कायस्थखबर ब्यूरो I बिहार ने देश को हमेशा क्रांति की शुरुआत दी है I चाहे वो चंपारण से महात्मा गांधी ने की हो या पटना से जयप्रकाश नारायण ने I लेकिन जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में क्रांति करने वाला कायस्थ समाज ४० सालो में इतना बंट गया की राजनैतिक हाशिये पर आ गया I स्थिति कम टिकट मिलने तक ...

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धीरेन्द्र श्रीवास्तव व हमारी सोसायटी पर नाना प्रकार के झूठे व मनगढंत कथायें व आरोप लगाने वाले सबूत दें – राजेश कुमार श्रीवास्तव

चूंकि प्रकरण न्यायालयाधीन है जिस कारण हम सब किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बचते है जिसका लाभ उठाकर कायस्थ समाज को भरमाने व बरगलाने वाले लोग कायस्थ समाज के एकता व विकास के लिये प्रयासरत बड़े भाई श्री धीरेन्द्र श्रीवास्तव व हमारी सोसायटी पर नाना प्रकार के झूठे व मनगढंत कथायें व आरोप लगाते रहते है। ज्ञात हो कि ...

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कैलाशसारंग स्वस्थ है, रूटीन चेकअप के लिए मेदांता में आये, सोशल मीडिया पर अफवाहों पर ध्यान ना दें – विशवास सारंग

कायस्थ खबर ब्यूरो I कायस्थ समाज के वयोवृद्ध नेता कैलाश सारंग जी बिलकुल सही है I कृपया सोशल मीडिया में उनको लेकर किसी तरह की अफवाहे ना फैलाए I ये बात उनके सुपुत्र और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विशवास सारंग ने कायस्थ खबर से फ़ोन पर कही I विस्वास सारंग ने बताया की हाँ उनको रूटीन चेकअप के लिए ...

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“कायस्थ समुदाय समझ न सका लोकतंत्र में विद्वता से अधिक महत्वपूर्ण है वोट की ताकत” बिहार में एक बार फिर से मात खाने पर एक रिपोर्ट

कायस्थ समाज एक बार फिर से चर्चा में है, बिहार में जद यु और बीजेपी की संयुक्त सरकार में कायस्थ समाज से एक भी मंत्री नहीं बनाया गया है , ऐसे में बिहार में कायस्थ समाज में हताशा चरम पर है, आर के सिन्हा समेत कई नेता बीजेपी से ही नाराजगी प्रकट कर रहे है I लेकिन कायस्थों को एक ...

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दिल्ली -देहरादून में कायस्थ समाज और संगत पंगत ने दी मुंशी प्रेमचंद को दी श्रधान्जली

कायस्थ खबर डेस्क I हिन्दी के उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में  कायस्थ समाज में जगह जगह कार्यक्रम आयजित किये जा रहे है I इसी कड़ी में नई दिल्ली के कान्स्टीट्युशनल क्लब में संगत पंगत का कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिसमे प्रेमचंद के नाटक का मंचन करके उनको श्रधा सुमन अर्पित किये I प्रख्यात रंगकर्मी अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव ...

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भटनागर सभा, मेरठ ने किया तीज महोत्सव-2017 का आयोजन, मेरठ की कार्यकारिणी का चुनाव भी संपन्न

कायस्थ खबर डेस्क I भटनागर सभा, मेरठ की ओर से "तीज महोत्सव-2017" का आयोजन कल दिनाँक 30.07.2017 को संस्कार बैंक्वेट हॉल, गढ़ रोड़, मेरठ में सम्पन्न हुआ, जिसमें लोक गीत, राष्ट्रभक्ति गीत, डांस एवं तीज क्वीन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनुपमा भटनागर w/o आर के. भटनागर (रिटा. आई. ए. एस) को बनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान ...

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नॉएडा लोक मंच के जरिये नॉएडा को महेश सक्सेना जैसा महात्मा मिला

कायस्थ खबर ब्यूरो I "नॉएडा लोक मंच के जरिये नॉएडा को महेश सक्सेना जैसा महात्मा मिला" ये कहना था वक्ताओं का नॉएडा के सेक्टर १२५ स्थित एक विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिसको  नॉएडा लोक मंच के २१ साल पुरे होने के अवसर पर किया गया I कार्यक्रम में मुख्य अथिति डा महेश शर्मा और विशिष्ट अथिति के तोर ...

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कायस्थ कुल गौरव मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर विशेष : हिन्दी कहानी और उपन्यास की परंपरा के आधार

धनपत राय श्रीवास्तव उर्फ़ नवाब राय उर्फ़ मुंशी प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम भारतीय प्रसिद्ध लेखकों में से एक हैं। उनका जन्म का नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, उन्होंने अपने दुसरे नाम “नवाब राय” के नाम से अपने लेखन की शुरुवात की लेकिन बाद में उन्होंने अपने नाम को बदलकर “प्रेमचंद” रखा। वे एक उपन्यासकार, कहानीकार और नाटकीय लेख ...

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बिहार मंत्रीमण्डल का विस्तार और एक भी कायस्थ का प्रतिनिधित्व न होना दुःखद है : धीरेन्द्र श्रीवास्तव

बिहार मंत्रीमण्डल का विस्तार और एक भी कायस्थ का प्रतिनिधित्व न होना तब और दुःखद है जबकि सत्तारूढ़ प्रमुख घटक में सर्वश्री पवन वर्मा जी,राजीव रंजन जी,और श्री अजय आलोक जी जैसे व्यक्तित्व कर्मठता से उपलब्ध है।मेरी इन मित्रो से व्यक्तिगत मुलाकात के आधार पर मै यह कह सकता हूँ कि इन सभी में "सुशासन"की स्थापना में सहयोग करने के ...

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हमारी उपेक्षा या दुर्दशा क्यों है ? इस पर भी यह समाज कभी विचार करेगा,आत्मविश्लेषण भी करेगा -विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ

झारखंड और अब बिहार राजनीति में कायस्थ समाज की उपेक्षा को लेकर हमारा समाज उद्वेलित है, होना भी चाहिये ! हमारी उपेक्षा या दुर्दशा क्यों है ? इस पर भी यह समाज कभी विचार करेगा, अपने स्वयं का आत्मसाक्षात्कार और आत्मविश्लेषण भी करेगा ? या केवल राजनैतिक दलों को ही कोस ने में ही अपने कर्तव्यों की इतिश्री मानता रहेगा ...

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