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अनकही

रविवार विशेष : कायस्थ समाज में अमीर और गरीब कायस्थ के बीच की खायी बढ़ रही है

आशु भटनागर I कायस्थ समाज में संगठनो की लड़ाई के बाद युद्धविराम का दौर है I आरोप प्रत्यारोप अब पुरानी बात होते जा रहे है जो की निश्चित ही एक अच्छा संकेत है , समाज में पवित्र समाजसेवी और स्वयंभू नेता हाशिये पर जा चुके है I  लेकिन समाज में इस शान्ति के बड़े मायने खोजने की ज़रूरत है दरअसल ...

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स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता का मतलब भी समझे कायस्थ समाज … एक निरंकुश नेत्री की अबला कायस्थ महिला के चरित्र हनन पर विशेष

देश आज स्वतंत्रता दिवस मना  रहा है,  हम सब भी एक दुसरे को इस महान पर्व की बधाई दे रहे है , कायस्थ समाज के सभी लोगो ने सोशल मीडिया पर बधाई देने का जो उत्साह दिखाया हुआ है वो काबिले तारीफ़ भी है I लेकिन इस सब के बीच एक सवाल भी उठ रहा है की आखिर इस स्वतंत्रता ...

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“कायस्थ समुदाय समझ न सका लोकतंत्र में विद्वता से अधिक महत्वपूर्ण है वोट की ताकत” बिहार में एक बार फिर से मात खाने पर एक रिपोर्ट

कायस्थ समाज एक बार फिर से चर्चा में है, बिहार में जद यु और बीजेपी की संयुक्त सरकार में कायस्थ समाज से एक भी मंत्री नहीं बनाया गया है , ऐसे में बिहार में कायस्थ समाज में हताशा चरम पर है, आर के सिन्हा समेत कई नेता बीजेपी से ही नाराजगी प्रकट कर रहे है I लेकिन कायस्थों को एक ...

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मुद्दे की बात : अपने अंदर झाँके कायस्थ समाज-महथा ब्रज भूषण सिन्हा

धाड़ धाड़ क्यों रो रहें है आप? आपने क्या खो दिया? क्या था आपका अपना? उनके लिए आँसू क्यों बहाना, जो आपके कभी न थे, न हैं और न होंगे? बिहार ही क्यों, पूरे देश भर मे कायस्थों की स्थिति एक ही है। बिहार का वर्तमान मंत्रिमंडल का गठन राज्य मे कायस्थों की औकात बता दी है। घर-घर मे बंट ...

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बूंद-बूंद इकट्ठे कर तालाब और सागर बनते हैं। हम सब भी इकट्ठे होकर बहुत कुछ कर सकते हैं -महथा ब्रज भूषण सिन्हा

वह बहुप्रतीक्षित दिन आ गया………………. कायस्थ समाज मे आज एक बहुत बड़ी घटना हुई। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा मे गुट का अंत तो नहीं हुआ है, पर पक्ष शब्द मिट गया। हम आशान्वित हैं कि वह दिन भी दूर नहीं जब गुट का भी नामोनिशान नहीं होगा। इस अवसर पर हमारे कुछ भाई के नेत्र सजल हो उठे तो किसी ...

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दुनिया वालों अपने घर में चाहे हम जितना विवाद करें पर अपने परिवार के किसी भी सदस्य के सम्मान पर आँच भी आए, ये बर्दाश्त नहीं करते – डा ज्योति श्रीवास्तव

साथियों, जब भी हम एकता की बातें करते हैं सर्वथा निराशाजनक स्थिति ही दृष्टिगत होती है। हम स्वत:अपनी हास्यास्पद तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। परिणामत: बिखरे समाज पर प्रहार किसी के लिए भी बहुत सरल हो जाता है। जबअपने घर में द्वंद्व छिड़ता है, दूसरे लाभ लेते ही हैं। समाज के शीर्षस्थ ही केंद्रबिंदु बनते हैं।आज भी कुछ ...

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सीधी बात : बीती घटनाओं को पीछे छोड़ आगे बढ़ने के लिए आज कितने लोग तैयार हैं, ए॰के॰ श्रीवास्तव जी के पहल को साधुवाद- महथा ब्रज भूषण सिन्हा

जब एक प्रतिपक्षी पक्ष अपने धुर विरोधी पक्ष को जातिगत एकता का संदेश देता है तो इसके निहितार्थ बहुत बड़े हो जाते हैं। यह संकेत बीज को अंकुरित होने की घटना जैसी है। अगर उचित वातावरण मिला तो वह अंकुरण बड़ा वृक्ष बन सकता है, अन्यथा अंकुर ही नष्ट हो जायगा। बीती घटनाओं को पीछे छोड़ आगे बढ़ने के लिए ...

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सावधान ! कायस्थ समाज मे अश्वमेध यज्ञ के दो दिव्य युवा घोड़े छोड़े गए हैं, इन्हें इनके आका दिव्य महापुरुषों की ओर से मंत्र पूरित दोधारी तलवार दिये गए हैं – सर्वानन्द सर्वज्ञानी

सावधान ! कायस्थ समाज मे अश्वमेध यज्ञ के दो दिव्य युवा घोड़े छोड़े गए हैं। वे आपको बताएँगे कि भगवान श्री चित्रगुप्त की दो पत्नियाँ कौन से कुल की थी? आपके पूर्वजों की शादियाँ किस खानदान मे हुई थी? फिर शायद आपसे पुछेंगे- आपकी शादी? इनके पास दो रजिस्टर हैं- लुच्ची और शुचि। अगर आप लुच्ची रजिस्टर के हुये तो ...

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असल मुद्दे छोड़ सजातीय विजातीय के मुद्दे पर उलझा कायस्थ समाज – आशु भटनागर

कायस्थ समाज में हफ्ते भर से कुछ लोग शोर मचाये हुए है की जिन लोगो ने विजातीय शादी कर ली है उनको समाज से बाहर कर दिया जाए , समाज में उनसे कोई रिश्ता ना रक्खा जाए I समाज के तमाम मुद्दों से इतर अचानक उठे इस मुद्दे को समाज में प्रभावहीन हो चुके नेताओं की एक बार फिर से ...

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आपबीती : जब आपातकाल ने छीन ली मुझसे मेरी बहन – अशोक श्रीवास्तव

1975 के आपातकाल को मैं कभी नही भूल सकता। ये आपातकाल एक बार नहीं दो बार मुझ पर पहाड़ बन कर टूटा है। 1975 में और फिर 2004 -2005 में। पहले बात 1975 की , मैं बहुत छोटा था जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश मे इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया। मुझे ठीक से याद नहीं पर एक दिन ...

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