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कायस्थ खबर डायरी :२०१५ मे कायस्थ समाज के चर्चित चेहरे

2015 का आखरी दिन है , जब तक ये लेख  पब्लिश होगा आप मे से अधिकतर लोग नए साल की खुमारी मे जा चुके होंगे , पर कायस्थ खबर के लिए आज इस बात के विश्लेषण का भी दिन है की २०१५ मे कायस्थ समाज मे कौन से चेहरे ज्यदा चर्चित रहे हम लोग कोशिश कर रहे है की ऐसे चेहरों की बात की जाए जो इसी साल सोशल मीडिया मे चर्चा का विषय बने आर के सिन्हा  : इस साल की सबसे चर्चित कायस्थ चेहरा अगर कोई कहा जा सकता है तो वो निर्विवादित तोर पर राज्य सभा सांसद आर के सिन्हा ही है I साल के शुरू मे एस आई एस कम्पनी के चेयरमैन आर के सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिये जब कायस्थ समाज से संपर्क साधना शुरू किया तो समाज सेवा और कायस्थ एकता की एक नयी इबारत लिखी गयी I बरसो से ढुलमुल रहे कायस्थ समाज को जब एक सशक्त , गंभीर , गरिमामय और कायस्थ समाज के लिए तन मन धन से तैयार एक कायस्थ नेता मिला तो समाज ने उन्हें हाथो हाथ लिया I उनके कार्यकलापो ने उन्हें इस साल मे कायस्थ जन जन का नेता बना दिया बदले मे उन्होंने भी कायस्थों के लिए कहीं भी कभी भी पीछे ना रहेने की जो तस्वीर बनाई उसने समाज को एक नये पायदान पर ला कर खड़ा कर दिया I बरसो से शांत कायस्थ समाज ने उनके नेत्रत्व मे दिल्ली मे "वर्ल्ड कायस्थ कांफ्रेस" , पटना मे "कायस्थ समागम" , नॉएडा मे "कायस्थ खबर -परिचर्चा और संवाद "और बाद मे इस साल का सबसे बेहतरीन "संगत और पंगत" दिया I जुलाई से शुरू हुए इस कार्यक्रम ने जहाँ देश भर सक्रीय कायस्थों को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया वही इससे कायस्थों के लिए एक नया बैक का विचार भी निकल कर आया जो साल के आखिर आते आते श्री आदि चित्रगुप्त फाइनेंस लिमिटेड के रूप मे समाज के लिए आया है राजन श्रीवास्तव : नॉएडा मे हमेशा परदे के पीछे रह कर काम करने वाले राजन यू तो बीते कई सालो से समाज सेवा मे लगे थे मगर सोशल मीडिया पर उन्होंने अपनी दस्तक इस साल के उत्र्राध मे दी I राजन ने इस साल कायस्थ समाज के लिए बेहद रचनात्मक काम शुरू किये जीसमे कायस्थ समाज को बिना प्रचार के मदद  करना , कायस्थ समाज की प्रतिभाओं के लिए स्कालरशिप की घोषणा करना और कायस्थ प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए इंटरस्टेट प्रतियोगिता का नॉएडा मे भव्य आयोजन प्रमुख रहे I राजन की कायस्थ समाज मे बदती सक्रियता के चलते उन्हें लायसं क्लब ने भी अपना नॉएडा अध्यक्ष मनोनीत किया I सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ  : आगरा के सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ जो कायस्थ समाज के लिए अपनी लड़ाई छेड़े हुए थे  इस साल भी कायस्थों के लिए ज़मीनी लड़ाई के साथ सोशल मीडिया पर भी उभर कर आये I जिसके बाद लोगो को पता चला की कायस्थ समाज की सुनने वाला अपना कोई राजनैतिक दल हो सकता है I सुरेन्द्र इस साल देश भर मे हुए सभी कायस्थ समाज के मंचो पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने मे कामयाब रहे और ज़मीन पर भी कायस्थ समाज के पीड़ित लोगो के लिए बाकी समाज के दबंगों से लोहा लेते रहे धीरेन्द्र श्रीवास्तव : इलाहाबाद के धीरेन्द्र श्रीवास्तव को भी आप ऐसे ही युवा सामाजिक नेताओं मे रख सकते है , बरसो छात्र राजनीती और कभी पूर्व प्रधानमंत्री चंदशेखर के साथी रहे धीरेन्द्र श्रीवास्तव ने भी आभासी दुनिया मे कायस्थ वृन्द की सामूहिक अवधारण दे कर बिखरे हुए युवा समाज को एक करने के लक्ष्य को धीमी मगर संतुलित गति से आरम्भ किया और पुरे साल गैर विवादित रहेते हुए अपनी पहचान बनाए रखी , डा राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिन को संविधान निर्माता दिवस के तोर पर पुरे देश मे मनवाना उनके लिए साल की सबसे बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है I पंकज भैया : निश्चित तोर पर ये साल कायस्थ युवा नेताओं के बन्ने , आगे आने के लिए याद किया जाएगा I पारम्परिक नेताओं के आने के साथ ही फेसबुक ने कई युवाओं को सोशल मीडिया का प्रमुख चेहरा बना दिया I इन युवाओं ने तकनीक और अपनी उर्जा के बलबूते काल्पनिक दुनिया मे अपनी पहचान कड़ी कर दी I ऐसे मे सबसे पहले और तेजी से उभरे तत्कालीन कायस्थ विकास परिषद् के राष्ट्रीय सचिव पंकज भैया का नाम लिए जा सकता है जिन्होंने सोशल मीडिया की ताकत को अपने  दीपक श्रीवास्तव और आलोक श्रीवास्तव जैसे समर्पित साथियो के साथ मिल कर कायस्थ युवा राजनीती को एक अलग दिशा दी I हालांकि विवादों मे रहे पंकज भैया सारे साल विवादों मे रहे और उन्ही विवादों के चलते कायस्थ विकास परिषद् से निष्काषित भी हुए और साल के ख़तम होते होते कायस्थ वाहनी प्रमुख के तोर पर नजर आये I mbb सिन्हा : इन्हें आप कायस्थ चिन्तक कह सकते है स्वभाव से विनेम मगर शब्दों से तीखे और एक ही संगठन के लिए समर्पित रांची के सिन्हा समाज मे सबकी कड़ी आलोचना करने के चलते शुरू मे विवादित भी रहे मगर आखिर मे सोशल मीडिया को ठीक से समझने के बाद उन्होंने जब अपनी बात को सबके सामने रखा तो लोगो ने उन्हें सराहा भी I रुपिका भटनागर एवं आशु भटनागर : सोशल मीडिया पर अपनी  अलग पहचान बनाए आशु भटनागर ने इसी साल  जब कायस्थ समाज के लिए कुछ करने की सोची तो रुपिका भटनागर के संचालन मे कायस्थखबर.काम का जनम हुआ , साल के तीसरे महीने मे आये इस विचार ने कायस्थ समाज को रातो रात एक ऐसा प्लेटफार्म दे दिया जहाँ लोग पुरे संसार तक अपनी बात कह सकते थे , पहुंचा सकते है I कायस्थ समाज की पत्रिकाओ के पारम्परिक प्रकाशन और तोर तरीको के हटकर जब कायस्थखबर ने पत्रकारिता के मूल्यों के साथ समाज को झकझोरा तो यहाँ भी क्रांति की कहानिया लिखी जाने लगी I हमीर पुर के चर्चित केस को समाज के सामने लाने और उसमे सर्व समाज को एक करने का काम कायस्थ खबर ने ही किया , ये पहली बार ही हुआ की एक न्यूज़ पोर्टल लोगो की भावनाओं को इस कदर झकझोरने मे सफल रहा की हमीरपुर केस एक आन्दोलन बनकर पीड़ित परिवार को मदद दिला पाया पहली बात कायस्थ समाज ने २५० लोगो के साथ जंतर मंतर समेत पुरे देश मे जगह जगह कैंडल मार्च किया I इसके अलावा कायस्थ समाज के इतिहास मे पहली बार "कायस्थ खबर -परिचर्चा एवं संवाद (कायस्थ फोरम )" जैसा कार्यक्रम भी आयोजित हुआ जिसमे कायस्थ नेताओं से सीधे सवाल किये गये  और जिसे सर्व समाज ने सराहा भी I ललित सक्सेना, विवेक श्रीवास्तव : साल के आखिर मे दो नाम जो सबसे ज्यदा लिए जाने लगे वो थे राजस्थान से ललित सक्सेना और बाड़मेर से विवेक श्रीवास्तव I आनंद मिलिंद और नदीम श्रवण की तरह से ये जोड़ी २०१५ ललित-विवेक की तरह कही जा सकती है I जिसने कायस्थ एकता के लिए आगे बढ़ते हुए २०१६ मे कायस्थ महापंचायत कराने की घोषणा कर दी और वहां अनिल सक्सेना के साथ मिल कर इस कार्यक्रम की तैयारी मे लगे हैं अतुल सक्सेना : जब इस साल के सबसे विवादित नेता कायस्थ विकास परिषद से पंकज  भैया निष्काषित हो रहे थे तो उनकी जगह एक बेहद शांत सोम्य और ज़मीनी हकीकत से जुड़ा नाम कायस्थ विकास परिषद् से जुड़ रहा था I वर्तमान मे केवीपी से जुड़े अतुल सक्सेना कायस्थ समाज के ऐसे नेताओं मे गिने जायेंगे जिन्हें अब २०१७ मे बरेली से विधायक के लिए टिकट मिल गया है कविता सक्सेना : २०१५ मे चर्चित कायस्थ चेहरों की बात हो और कविता सक्सेना को कोई ना जाने ऐसा संभव नहीं है गाज़ियाबाद की समाज सेवी इस पुरे साल शुरू से ही सोशल मीडिया पर चर्चित और विवादित दोनों रही I चाहे वो कायस्थ विकास परिषद् से हटाये जाने का मामला रहा है और उसके बाद बाकी संगठनो से जुड़ने का I कविता सक्सेना हमेशा विवादों मे आती रही I जुड़ने और हटने का खेल भी लगभग पुरे साल चलता रहा खुद वो भी आखिर किस संगठन मे है ये नहीं तय कर पायी I पवन सक्सेना : कानपुर के पवन सक्सेना इस कड़ी मे आखरी नाम है जो साल के आखरी दिनों मे सामने निकल कर आये है और समाज के कामो मे आगे बढ़ रहे है I कानपुर के लगभग हर कायस्थ संस्था मे पवन शामिल है और कानपुर के लोगो मे अपनी पहचान को साबित भी कर रहे है I कायस्थ समाज के लिए समर्पित पवन हिन्दू महासभा के प्रदेश महासचिव भी हैं I

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