Check the settings
Templates by BIGtheme NET
Home » खबर » काम करे कोई , नाम कमाए कोई , क्रेडिट हाईजैकिंग पर ललित सक्सेना ने राष्ट्रीय संयोजक लाबी पर लगाए बड़े आरोप

काम करे कोई , नाम कमाए कोई , क्रेडिट हाईजैकिंग पर ललित सक्सेना ने राष्ट्रीय संयोजक लाबी पर लगाए बड़े आरोप

दोस्तों साथियो समाज बंधुओ मुझे यह जानकार बड़ा आश्चरय हो रहा है की काम करे कोई और नाम चाहे कोई  जैसा काम आजकल समाज में खूब फल फूल रहा है जिसका ताजा उदाहरण  डा रेनू वर्मा जी द्वारा लगाए जा रहे रक्तदान कार्यक्रम में देखने को मिल रहा है पूर्व की बात ना करे तो बेहतर है   मगर आज और आगे की बात की जाना  अनिवार्य हो गया है क्योकि अपने आप को कायस्थ समाज के राष्टीय अंतर्राष्टीय अध्यक्ष संयोजक  कहलवाने वाले ये स्वभू सामाजिक बन्ने का ढोंग वाले नेता ही समाज को विघटित करने में अहम भूमिका निभा रहे है और समाज को विघटित करने बांटने की दिशा और दशा  में अहम रोल निभा रहे है जैसा की विगत है रक्त दान शिवर डा रेनू दीदी द्वारा लगाया जा रहा है  वही एक कायस्थ संस्था और उसके स्वभू अंतर्राष्टीय संयोजक से राष्टीय संयोजक बने वो खुद और उनकी पूरी गैंग इस कार्य को अपना बता कर श्रेय लेने और पर्सनल  न पर अपना बताने की होड़ में लगे हुए है  जिससे मेहनत करने और समाज हित में काम करने वाले लोगो का मनोबल भी कम हो रहा है हालांकि ये प्रचलन काफी पुराना है  पर इस प्रचलन से समूचा कायस्थ  समाज भी अवगत है  परन्तु इस कायस्थ समाज  को गुमराह करने वाले लोग अपनी चाप्लुसियत की गद्दी को छोड़ना नही चाहते है और दूसरे के किये काम को अपना बता कर अपनी पॉपुलरटी बटोरने का प्रयास कर रहे है जो की गलत है  आप सभी से अनुरोध है इस  पोस्ट को समाज हित में अधिक से अधिक शेयर करे ताकि उनकी असलियत सभी को समझ में आ जाये जय कायस्थाना रॉयल कायस्थाना  जय कायस्थ जय भारत  आपका अपना ललित सक्सेना 09672228333

आप की राय

आप की राय

About कायस्थखबर संवाद

One comment

  1. Its very ridiculous to even think about hijacking of other’s ideas and credit. It must be termed to be worse than any serious crime and any such hijacker must be ctiticised as much as possible. I am seriously talking about the incident of recently organised Blood Donation Camp by Dr. Renu Verma and hijacking of the credit of the same by some self styled so called leaders of some organisation. I support the objection raised by Mr. Lalit Saxena.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*