भगवान् चित्रगुप्त के अपमान मुद्दे पर आपसी विद्वेष और टांग खिचाई में उलझे कायस्थ समाज को आर के सिन्हा की फटकार
एक तरफ जब लोग दिल्ली के एक कवि द्वारा भगवान् चित्रगुप्त के अपमान पर एक हो रहे हैं , सडको पर उतर रहे है माफ़ी के प्रदर्शन और पुतले तक फूंके जा रहे है तो वहीं दूसरी तरफ मुद्दे को समय से ना लपक पाने और इस पार आगे निकल गये लोगो से इर्ष्या स्वरूप समाज के ही कपितय बंधुओ ने मोर्चा खोल दिया है जिसका समाज के सभी प्रबुद्ध लोग एक स्वर में निंदा कर रहे हैगौरतलब है की होली के अवसर पर ABP news द्वारा आयोजित एक कवि सम्मलेन में भगवान् चित्रगुप्त को गाली देने का मामला उसके कुछ समय बाद ही तूल पकड गया था , जिसका विरोध जयपुर से ललित सक्सेना , देहरादून से ज्योति श्रीवास्तव की अगुआई में शुरू हुआ I सोशल मीडिया से उठी इस छोटी सी चिंगारी ने जब एक बड़ा रूप ले लिए जब राज्य सभा सांसद आर के सिन्हा ने भी गाली देने को गलत बताया और सार्वजनिक तोर पर माफ़ी ना मांगने की सूरत में १०० करोर के मानहानि के मुक़दमे की बात कही , उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए आगरा से सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ , इलाहाबाद से धीरेन्द्र श्रीवास्तव और कायस्थ समाज की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने ने इस मुद्दे पर ज़मीनी लड़ाई लड़ने की शुरुआत कर दी I जिसके फलस्वरूप पुरे देश में जगह जगह उक्त कवि वेद प्रकाश , संचालक कुमार विश्वाश और news चैनेल के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे Iपढ़े : ABP news के कवि सम्मलेन में भगवान् चित्रगुप्त को गाली पर उबला कायस्थ समाज , कल दर्ज होंगे मुकदमे लेकिन इस खेल में कुछ लोग ऐसे भी निकले जिन्होंने अपने व्यक्तिगत संबंधो और विरोध के चलते कायस्थ समाज के आगे निकल कर आये लोगो पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए ताकि समाज इन लोगो की बहस में उलझ जाए और भगवान् चित्रगुप्त के अपमान का मुद्दा कमज़ोर पढ़ जाएइसकी शुरुआत कायस्थ समाज के ही एक news पोर्टल ने ऐसे लोगो की बातो को छाप कर हवा देने की कोशिश की I इसके बाद विवादित अभाकाम के एक पक्षकार मनीष श्रीवास्तव की बातों ने सबसे पहले इस मामले पर नुक्सान पहुंचाना शुरू किया I उसके बाद रांची से एक वयोवृद्ध कायस्थ नेता अभय सिन्हा ने सोशल मीडिया में उक्त मामले में कवि के माफ़ी नामे को चलाना शुरू किया की बात को ख़तम करे जिसे उनके ही संगठन के प्रदेश संरक्षक के द्वारा संचालित news पोर्टल ने हवा देनी शुरू की इसके बाद बाद भी जब जनाक्रोश कम नहीं हुआ तो इस मुद्दे पर आगे निकल कर आ रहे नेताओं पर आक्रमण का कार्य शुरू हुआ जिसमे कुछ नेताओं पर लगे आरोपों को खीचा जाए लगा , बात जब भगवान् चित्रगुप्त के लिए एक होने की होनी चाह्यी थी , तब व्यर्थ के विवाद पैदा किये जाने लगेइसी प्रकरण कल रांची अभाकाम से पिछले दिनों इस्तीफ़ा दिए और अब समाज में अलग थलग पड़े MBB सिन्हा भी कूद पड़े , जिन्होंने स्पस्ट तोर पर पुरे मामले को श्रेय लेने की होड़ बताते हुए अपने पीछे रह जाने की पीड़ा भी व्यक्त कर दी I हालांकि वो ये नहीं बता पाए की आखिर वो खुद क्यूँ नहीं भगवान् चित्रगुप्त के अपमान पर अभी तक सडको पर क्यूँ नहीं उतरे I लेकिन अब समाज एक हो रहा है और आज उनके जबाब में फैजाबाद से ब्रजेश श्रीवास्तव ने उन पर सवाल उठाये और उनको भी आपस में आरोप लगाने की जगह समाज के साथ मुख्य धारा में आने के लिए कहाआगरा से सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने भी ऐसे सभी लोगो को चेताते हुए कहा की मेरा मेरे साथियों से विनम्र निवेदन है की इस ग्रुप में एक दुसरे पर टीका टिप्पड़ी न करें ,और यदि आप अपनी आदत से मज़बूर हैं आप टीका टिप्पड़ी को ही समाज सेवा समझते है तो इस ग्रुप में आपके लिए कोई स्थान नही है।हम आपको रिमूव करें इससे पहले आप ग्रुप लैफ्ट करदो।वैसे आप सब मेरे प्रिय हो परन्तु कल एक समझा आज दूसरा शुरू होगया । यहाँ सिर्फ समाज सेवा की बात करें।समाज के लिए संघर्ष की बात करे,आपसी संघर्ष की अनुमति यहां नही हैलेकिन इस सबसे नाराज सर्वमान्य कायस्थ नेता और राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है उन्होंने कायस्थ खबर से बातचीत में ऐसे लोगो को समाज के लिए खड़े होने का सन्देश दिया I उन्होंने मनीष श्रीवास्तव द्वारा बताये २०१२ के विडियो पर उठाये मसले के लिए कहा की २०१२ में कायस्थ समाज ने तात्कालिक नेता अगर उतने जाग्रत नहीं थे या उनमे इतनी ऊर्जा का संचार नहीं था तो क्या इसका मतलब आज भी इनका विरोध ना किया जाये I रांची के अभय सिन्हा द्वारा कवि के व्हाट्स app माफीनामे पर प्रातक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी कवि वेद प्रकाश का फोन उनके पास भी आया था और उसने माफ़ी की बात की लेकिन वो खुद आर के सिन्हा , या अभय सिन्हा समेत अन्य लोग जो उसे उनके साथ हुए बात पर माफी देने की बात कर रहे है वो गलत है , उन्होंने जोर देते हुए कहा की अभय सिन्हा या आर के सिन्हा कोई समाज के ठेकेदार नहीं है जो उनसे व्यक्तिगत माफ़ी को समाज स्वीकार करेभारत में एक संविधान है उसके हिसाब से इन पर मुक़दमे पुरे देश में किये जाए , वहां कोर्ट फैसला करेगा की कवि वेद प्रकाश , संचालक kumar vishvash और ABP news के खिलाफ क्या फैसला होगा I कवि को भी सार्वजनिक तोर पर प्रेस कांफ्रेंस करके माफ़ी मांगनी चाह्यी I कुछ लोगो द्वारा शब्दों के बीच में कौमा लगाने की बात पर सिन्हा आक्रोशित होते हुए बोले की कविता पढ़ते समय कौन सा कौमा या फुलस्टॉप दिख रहा है ये समझ से परे है अंत में आर के सिन्हा ने समाज को जाग्रत होने पर बधाई दी और एक जुट होकर इस मुद्दे पर खड़े होने की सलाह दी Iनॉएडा से राजन श्रीवास्तव भी इस सब पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहते है की ये कायस्थ समाज का दुर्भाग्य है की जब सम्पूर्ण कायस्थ समाज को एक खड़ा दिखाई देना चाह्यी कुछ कपितय लोग आपस में ही विरोधी बन कर खड़े हुए है उन्होंने ऐसे लोगो की तुलना JNU मामले में देश के खिलाफ खड़े हुए लोगो से की जो स्वार्थ वश देश के सम्मान पर भी खेलने से नहीं चूंके I उन्होंने आर के सिन्हा की बात का समर्थन करते हुए ऐसे लोगो से साथ आने की अपील की है उन्होंने कवि वेद प्रकाश , कुमार विश्वाश और ABP news चैनेल पर मुक़दमे भी दर्ज कराने के संकेत दिए उन्होंने कहा की वो इस मामले पर अपने वकील से बात कर रहे है
।। Kayastha Khabar ।। no 1 Kayastha Portal, sri chitrgupt Bhagwan, chitransh parivar, Kayastha News , Kayasthworld Kayastha News , Kayastha Khabar , No 1 Kayastha Portal, Kayasthworld , sri chitrgupt Bhagwan, chitransh parivar,
