इधर अभाकाम पारिया गुट के पुराने बागी mbb सिन्हा ने सोशल मीडिया पर अपनी बात कही है कायस्थ खबर के ग्रुप में, असमंजस के ढेर. सबके अपने तर्क हैं, समझ-समझ के फेर. बन्दर बैठा डाल पर, चमक निपोरे खिस्स तेरा–तेरा क्या बिगड़े है, चाल हमारी बीस. हमसे ऊँचा कौन तुम, अपनी शक्ल पहचान. रत्न मंडली पर उंगली, उठा नहीं सकते नादान. हम देखेंगे हम समझेंगे, हमरे हाँथ कमान इतनी हिम्मत प्रश्न उठाओ, तुमसब नहीं कायस्थ संतान.दबी-दबी चिंगारी अब, शोले बनकर फुट रहे हैं. गाली सुनकर रोम-रोम अब, पटाखे जैसे छुट रहे हैं. घडियाली आंसू हैं यह सब, यह असली गुब्बार नहीं. इतनी जल्दी परखो मत, इतना सीधा व्यापार नहीं. लगे हुए सब तोल मोल में, समझ न आये इनकी बात महथा मत नादान बनो तुम, सबके सब हैं एक ही जात.ऐसे में क्या जल्द ही अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पारिया गुट का एक और विभाजन होगा ये एक बड़ा सवाल बन कर खड़ा हो गया है I और कायस्थ समाज के लिए स्थिति यह ख़तरनाक और अशुभ है ।
बडोदा बैठक के साइड इफेक्ट :असंतुष्टो का एक बड़ा गुट खिलाफ, ABKM (पारिया गुट ) नेतृत्व सकते में
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पारिया गुट की आंतरिक फुट अब धीरे धीरे सामने आती जा रही है I सूत्रों की माने तो बड़ोदा में हुई गलतियों और फैसलों के खिलाफ कई लोग अंदर ही अंदर खड़े हो गए है I और जल्द ही कार्यकारणी की बैठक बुलाने तक की मांग कर रहे हैं Iगेस्ट आफ आनर मुद्दे से बैक फुट पर आये ABKM पारिया गुट ने जहाँ अपने पदाधिकारियों को कायस्थ खबर से दुरी बनाने के आदेश और आपत्तिजनक भाषा में पोस्ट ज़ारी करनी शुरू कर दी I जिसका सभी लोगो ने भर्त्सना की है और परिणाम स्वरूप काफी समय से चुप बैठे असंतुष्टो ने भी अपनी आवाज़ उठाने का फैसला किया है IABKM पारिया गुट के कई लोगो ने कायस्थ खबर को बताया की अगर जल्द ही इन मामलो पर कोई सही फैसले नहीं लिए गए तो वो शायद इस गुट को छोड़ सकते है I लोगो ने राष्ट्रीय महामंत्री पर हिटलर शाही के भी आरोप लगाए है I यहाँ तक की कुछ लोगो ने तो बड़ोदा में राष्ट्रीय कार्यकारणी के होने पर ही सवाल उठाये है I अभाकाम पारिया गुट से जुड़े एक सदस्य ने कायस्थ खबर को बताया की अभाकाम पारिया गुट को कार्यकारणी में मौजूद सदस्यों की संख्या और वहां पास कराने के लिए ज़रूरी सदस्यों की संख्या जैसी बातें भी सबको बतानी चाह्यी ताकि सभी बातें खुल कर आ सके I कुछ लोगो ने अभाकाम पारिया गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा आशीष पारिया के ही बैठकों में ना आने पर भी सवाल उठाये है और पूछा है की आखिर अध्यक्ष ही अगर नहीं आ रहे है तो उसके पीछे क्या कारण हैइन सब के बीच अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सारंग गुट और AK श्रीवास्तव गुट ने भी पारिया गुट के नए मनोनयन पर सवाल उठाये है , उन्होंने कहा जब कोर्ट ने यथा स्थिति बनाए रखने का फैसला दिया तो नए मनोनयन और निष्कासन कैसे संभव है I इस केस में जुड़े और कानूनी जानकारी रखने वाले इलाहबाद के एक वरिष्ठ वकील ने कायस्थ खबर को बताया की पारिया गुट की कानूनी स्थिति कमज़ोर है और ये तभी तक फायदे में हैं जब तक कोर्ट में केस पर बहस शुरू नहीं होती I कोर्ट में केस आने पर फैसला दुसरे पक्ष के पास जाने की संभावना ज्यदा है
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