वर्तमान परिस्थितियों में शीघ्र ही संगठन हित में सकारात्मक भाव के साथ सभी का सम्मान रखते हुए सभी लोग मिलकर सही दिशा में सभी की सहभागिता से सम्यक विचारोपरान्त निति निर्धारित कर यथा आवश्यक निर्णय लेकर और अधिक ऊर्जा के साथ महासभा को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे ।विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ
राष्ट्रीय महामंत्रीअखिल भारतीय कायस्थ महासभा के दोनों गुटों की अपने वाद प्रतिवाद को ख़तम, उच्च न्यायालय ने पुराने मुक़दमे किये खारिज
कायस्थ खबर डेस्क I अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के दोनों गुटों की अपने वाद प्रतिवाद को ख़तम करने की अपील को उच्च न्यायालय ने स्वीकार करते हुए रिट पिटीशन/ मुकद्दमा ख़ारिज करदिया है ।इस बात की जानकारी आज अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महासचिव विश्वविमोहन कुलश्रेष्ठ ने दी I कायस्थ खबर को भेजे अपने सन्देश में उन्होंने सभी विवादों के ख़तम होने पर ख़ुशी जताई और प्रतिबधता जताई की अब कायस्थ समाज के लिए सेवा भावना से कार्य कर सकेंगेउन्होंने अभाकाम के पद पर रहते हुआ अपने परिवार का भला करने वाले लोगो को पर भी निशाना साधा , कायस्थ खबर उनके पत्र को नीचे प्रकाशित कर रहा है I*डा. आशीष पारिया राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा श्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री और उनकी टीम के नेतृत्त्व में गठित व संचालित अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पंजीकरण सं. 5680/80-81 ( 129 वर्ष पुरानी कायस्थ समाज की एक मात्र प्रतिनिधि संस्था ) पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चल रहा विधिक वाद, वाद दायर करने वाले पिटिशनर श्री ए के श्रीवास्तव व डा. शरद श्रीवास्तव ने बगैर शर्त अपना रिट पिटीशन/ मुकद्दमा बापस लेने के लिए अपना शपथ पत्र मान. उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दाखिल किया था ।मा. न्यायमूर्ति श्री महेश चंद्र त्रिपाठी उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने दिनांक 29.08.2017 को विदड्राल शपथ पत्र को स्वीकार करतेहुए रिट पिटीशन/ मुकद्दमा ख़ारिज करदिया है ।इससे स्वतः स्पष्ट होगया कि मा. न्यायालय बिहित प्राधिकारी/ उपजिलाधिकारी मैनपुरी द्वारा पारित निर्णय सही था और जो अब श्री ऐ के श्रीवास्तव व उनके साथियों को मान्य है, जिसमे डा. आशीष पारिया को राष्ट्रीय अध्यक्ष् तथा श्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति को विधिक रूप से मान्य घोषित किया गया है ।अर्थात अब अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पर प्रबंधकीय विवाद से सम्बंधित किसी प्रकार का कोई विवाद या विधिक वाद आदि किसी न्यायलय में लंबित नहीं है ।और अब डा. आशीष पारिया अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के निर्विवाद रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा श्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ महासभा के निर्विवाद रूप से राष्ट्रीय महामंत्री हैं, अर्थात डा. आशीष पारिया तथा श्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में गठित व संचालित अखिल भारतीय कायस्थ महासभा लीगल, निर्विवाद, सही व सर्वमान्य है ।
और महासभा से संबंधित इस कमैटी के द्वारा लिए गए निर्णय ही सही,सत्य, उचित और मान्य थे, हैं और होंगे ।बहुत लंबे समय से बहुत से लोगों द्वारा महासभा के नेतृत्व को लेकर फैलाये जारहे भ्रम के बादल छट चुके हैं, सत्य सम्पूर्ण समाज के समक्ष स्पष्ट होगया है ।
कौन- कौन गलत था कौन सही यह बात समाज के सामने आगाई है , हमें लगता है कि अब समाज के सामने से भ्रम की स्थिति दूर होजायेगी और सब को एक साथ मिल-जुल कर समाज व संघठन को सशक्त करने के लिए आगे बढ़ने के लिए मार्ग प्रसस्त होगा ।मै व्यक्तिगत रूप से इस प्रकरण पर किसी प्रकार की किसी की भी न तो हार देखता हूँ और न ही किसी की जीत ।मै इस एपिसोड को सकारात्मक रूप में देखता हूँ, मैने जो अनुभव किया और महासभा में देखा वो यह कि बास्तव में 18-20 साल से महासभा एक वैधानिक प्रबन्धकीय दृष्टि से अनिश्चितता व दिशाहीनता के साथ ही व्यक्तिगत यशगान, गणेश परिक्रमा एकाधिकार की कुप्रवृत्ति और आत्ममुग्धता की स्थिति से कुप्रभावित रही है ।महासभा का उपयोग स्वयं और अपने परिवार को स्थापित करने , अपने गुणगान कराने और निजी स्वार्थ और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए ही होता रहा है, महासभा के संसाधनों का दोहन भी समाज के पैसे से अपनी निजी संम्पति बनाने में ही होता रहा है, लेकिन अब निरंतर प्रयासों के बाद महासभा के ऊपर से अंधकार के काले बादल छट चुके हैं, हमें उम्मीद है कि अब ये महासभा पंजे की पकड़ से मुक्त हो सम्पूर्ण समाज की अपनी महासभा बन सकेगी और समाज की अपेक्षाओं , संघठन के मानकों पर खरी उतरने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सभी को साथ लेकर आगे बढ़ सकेगी ।।
वर्तमान परिस्थितियों में शीघ्र ही संगठन हित में सकारात्मक भाव के साथ सभी का सम्मान रखते हुए सभी लोग मिलकर सही दिशा में सभी की सहभागिता से सम्यक विचारोपरान्त निति निर्धारित कर यथा आवश्यक निर्णय लेकर और अधिक ऊर्जा के साथ महासभा को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे ।विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ
राष्ट्रीय महामंत्री
वर्तमान परिस्थितियों में शीघ्र ही संगठन हित में सकारात्मक भाव के साथ सभी का सम्मान रखते हुए सभी लोग मिलकर सही दिशा में सभी की सहभागिता से सम्यक विचारोपरान्त निति निर्धारित कर यथा आवश्यक निर्णय लेकर और अधिक ऊर्जा के साथ महासभा को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे ।विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ
राष्ट्रीय महामंत्री
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