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चौपाल

सवाल ये है की की आखिर इस सरकार और बीमार समाज में कायस्थ समाज अपने को कैसे सुरक्षित महसूस करे : अलोक श्री

हर दिन एक नयी निर्भया की कहानी और सरकार कह रही है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ,,,,क्या बेटी बचा कर माँ बाप इसी शर्मसार घटना का गवाह बनते रहेंगे ? आखिर कब तक सरकार अपाहिज बनी रहेगी और प्रशासन लकवे की स्थिति में बिस्तर पर पड़ा रहेगा और बेटियाँ हैवानो की शिकार होती रहेंगी !! इंसानियत किस कदर मरती जा ...

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बेटी के सम्मान में, कायस्थों उतरो अब मैदान में!! – डॉ ज्योति श्रीवास्तवा

एक बड़ा प्रश्न.... कितनी दामिनी और कितनी दीपाली?? कब तक जलेगी बेटी ? कब तक होगा ये दुराचार? दोषी कौन? न्याय कहाँ? सरकार का इंसाफ कहाँ?? उससे भी बड़ा प्रश्न.... कहाँ हैं वो लोग जो अपने समाज और मित्रों के इतिहास और भविष्य जानने में, आरोपी ढूँढने और उसका आरोप सिद्ध करने में अपनी सारी योग्यता-सारी ऊर्जा लगा देते हैं?? ...

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सामाजिक पत्थरबाजी में ज़रूरी है मौन का कवच – कवि स्वप्निल

"इन हवाओं में इक उमस है,और हाथों में पत्थर भी। ये तस्वीर उस दुनिया की,हैं जिसे हम सँवारने निकले।।" जब जब पत्थर बाजी की बात आती है, तब तब हमारे जेहन में स्वर्ग से सुंदर घाटी को नर्क की प्रताड़ना देने वाले अलगाववादियों की तस्वीरें खिंच जाती हैं। परन्तु आज ना घाटी की बात करूँगा और ना ही शरीर को ...

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‘कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म किए आपको सफलता नहीं मिलेगी’ ऐसा सोचना भी अब महापाप है- विवेक बाड़मेरी

आपने देखा हो या नहीं पर मुझे ऐसा देखने का कुछ समय का तजुर्बा है आप कह सकते हैं। कई बार देखने में आता रहता है कि किस तरह लक्षणहीन, अनाड़ी तथा असभ्य लोग केवल खुशामद करके कोर्इ बड़ा पद पा लेते हैं। इसके पीछे उनकी चापलूसी करने की प्रतिभा छुपी रहती है। चलिए अब आपको विस्तार पूर्वक बतलाते हैं ...

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खरी खरी : उठा सको तो अपनी नजर से नकाब उठा लो- कवि स्वप्निल

"हर रिश्ते में नूर बरसेगा शर्त बस इतनी है रिश्ते में शरारते करो साजिशें नहीं" उन साहब ने जहाँ से बात खत्म की वहीं से शुरु कर रहा हूं। मेरे चहेते शायर मेरे भाई राम श्याम हसीन का एक मतला और शेर कुछ यूँ है कि- "जो वफा की बात करते हैं, वफ़ादारी नहीं । ऐसे लोगों से हमारी दूर ...

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सर्वानंद सर्वज्ञानी की कलम से……….. दान का हंगामा

वर्तमान में एक ब्रेकिंग न्यूज़ चल रही है. एक व्यक्ति अपने वेतन का 40% हिस्सा कायस्थ समाज कल्याण में खर्च करना चाहता है. सर्वज्ञानी जी को मालुम हुआ कि कई कटोरेबाज आनन-फानन में अपने-अपने कटोरे ठठेरा के पास पॉलिश करवाने के लिए भेजने लगे हैं. कुछ तो पुराने कटोरा लेकर ही दौड़ पड़े हैं. एक अल्पज्ञानी चेला से न रहा ...

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कायस्थ बोलता है : कायस्थ रत्न डॉ भरत लाल का आईना – कवि स्वप्निल श्रीवास्तव

कायस्थ खबर "कायस्थ बोलता है" के नाम से  एक नया कालम शुरू कर रहा है जिसमे लोगो के टेस्टीमोनियलस उन लोगो के बारे में दिए जायेंगे जो परदे के पीछे रह कर काम कर रहे है I ये एक नयी कोशिश है समाज के चेहरों को आगे लाने का , मकसद है समाज में सहयोग की भावना को सामने लाने ...

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युवाओं को हमारा भरपूर सहयोग अपेक्षित है, इससे पहले कि इनका मनोबल टूट जाए, हमें साथ खड़ा होना चाहिए : डॉ ज्योति श्रीवास्तव

आप सभी को नमस्कार 🙏 कायस्थ युवान हमारे समाज के सामने एक नई आशाओं का द्वार परिलक्षित हो रहा है, वहीं कुछ लोगों ने इसे अपने जीवन में जैसे भूचाल का अनुभव कर लिया है। कोई समझाने का कष्ट करें कि जब कायस्थ युवान आपसे सुझाव के अतिरिक्त कोई और माँग कर नहीं रहा..वो भी आप समाज के अनुभवी लोग ...

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कवि स्वप्निल आप कायस्थ द्रोहियो की प्रतिकूल बातो की चिन्ता किये बगैर युवा कायस्थो के विकास के अपने प्रयास जारी रखिये।आप कामयाब होंगे: धीरेन्द्र श्रीवास्तव

उत्साही "युवा" कायस्थ कायस्थ युवाओ के विकास के लिये कुछ करना चाहता है तो उसे करने दो,काहे को और किसके लिये विरोध कर रहे है कुछ दिग्भ्रमित कायस्थ। अजीब फैशन चलाया जा रहा है कायस्थ समाज को तोड़ने व अपमानित करने के प्रयासो का बमुश्किल छ-सात कायस्थो द्वारा। व्हाट्सेप ग्रुप बनाकर बिना सहमति के जोड़ो फिर योजनाबद्ध तरीके से किसी ...

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सक्रिय महिलाओ ने किया भगवान श्री चित्रगुप्त का कथा पाठ पुण्य के सहभागी बने हजारो श्रद्धालु : धीरेन्द्र श्रीवास्तव

गंगा सप्तमी को भगवान चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव के पूर्वसन्ध्या पर ग्यारह कायस्थ महिलाओ द्वारा सक्रिय एवम् कर्मठ संस्था "जय चित्रांश कल्याण समिति" के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध श्री चित्रगुप्त पार्क, झूँसी इलाहाबाद में आयोजित भगवान श्री चित्रगुप्त की कथा कार्यक्रम अपने आप में न केवल ऐतिहासिक व अद्भुत रहा बल्कि अनेक मामलों में अविस्मरणीय भी रहा। देहरादून के अपवाद को छोड़ ...

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