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ABKM का अखाड़ा : सारंग गुट के बेतरकीब सवालों और आरोपों पर बोले विश्वविमोहन कुलश्रेष्ठ

कायस्थ खबर ब्यूरो I पिछले हफ्ते ABKM के २ ग्रुप का आपस में विलय होना इसके तीसरे ग्रुप को पसंद नहीं आया I जिसके फलस्वरूप कैलाश नाथ सारंग को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष मानने वाले इस ग्रुप के लोगो ने सोशल मीडिया में नए ग्रुप की वैधता को लेकर कई आरोप लगाए और उन्ह्को फ्राड से लेकर ऐसी तमाम बातें कही जिनको यहाँ लिखना संभव नहीं I उसी के विरोध में नयी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की कार्यकारणी के राष्ट्रीय महामंत्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ ने अपना जबाब कायस्थ खबरको भेजा है, जिसमे उनको उनको यथा संभव जबाब दिए है साथ ही कुछ सवाल भी पूछे है I कायस्थ खबर उस पत्र को आपके सामने रख रहा है , अगर सारंग ग्रुप की तरफ से भी मर्यादित भाषा में कोई जबाब कायस्थ खबर में पकाशित करने के लिए भेजा जाता है तो कायस्थ खबर उसे ज़रूर प्रकाशित करेगा I कृपया  दोनों पक्ष ध्यान रखे अपने लेख में लगाए आरोपों की सत्यता के लिए साक्ष्य kayasthakhabar@gmail.com पर अवश्य भेजे , और ये भी ध्यान रखे की आप में किसी भी सवाल के लिए वही लोग ज़िम्मेदार होंगे कायस्थ खबर का उसमे कोई मत नहीं है हम सब के अति सम्मानित भाई विपिन जौहरी जी, ******** आपकी मधुर भाषा में निकाली गई आपके मन की भड़ास, आपके द्ववारा प्रयोग किये गए शब्द, भाषा, शैली एक बार केलिये तो लगा कि क्या यह एक बुद्धि जीवी समाज के प्रबुद्धजीवि व्यक्ति की होसकती है ? फिर समझ में आया कि किसी घर, परिवार व समाज में जन्म ले लेना भर ही पर्याप्त नहीं होता, यह सब क्षमताएं तो प्रारब्ध के आधार पर संस्कारों से निर्धारित होती हैं । खैर आपके आक्रोश का भी ज़रूर कोई कारण ही होगा ? पर भाई कुछ प्रश्न हैं, हमें उम्मीद है आप उनके उत्तर ज़रूर देंगे :- 1. महासभा को लेकर जो विवाद न्यायालय में लंबित था जिसके वादी एवं प्रतिवादी श्री ए के श्रीवास्तव जी एवं डा. आशीष पारिया जी थे यदि श्री ए के श्रीवास्तव जी के द्वारा बगैर कोई पूर्व शर्त या बाध्यता के समाज व संघठन हित में उनके स्वयं के द्वारा मा. उच्चन्यायालय में दायर रिट याचिका बापस लेलिये जाने और फ़िर आपसी एकीकरण से आप या आपके सम विचारधारा के लोगों में इतना विचलन या इतनी पीड़ा का कारण क्या है ? 2. क्या आप या आप जिनके प्रतिनिधि हैं वे सामजिक एकता नहीं चाहते । 3. क्या आप व आपके जिनके प्रतिनिधि हैं वे चाहते हैं कि कायस्थ समाज बिखरा रहे खंडित- विखण्ड बना रहे ? 4. आपके विष वमन, पीड़ा या खीज़ का क्या कारण है ? 5. हम लोगों ने आपसे या आपके सम विचारधारा वाले लोगों से या समाज से क्या लेलिया है, क्या लूट लिया है, क्या धोखा दिया है या क्या फ्रॉड किया है कृपया विस्तार से अवगत कराने का कष्ट करें । और हां महासभा का जो 05 लाख रुपया है वह अभी श्री ए के श्रीवास्तव जी के पास है वह उन्होंने कभी भी नकारा नहीं है, शीघ्र ही वह महासभा के खाते में आजायेगा , जिसकी छाया प्रति हम सभी की सूचनार्थ प्रसारित करादेंगे । रही बात हम लोगों की आप पता कर लीजिये कि हम लोगों ने किसी प्रकार का कोई दान, चंदा आदि किसी से कभी नहीं लिया यदि इस सम्बंध में आपके पास कोई साक्ष्य हों तो जग जाहिर करदें हमें प्रसन्नता होगी । अब रही, आप जिनके लिए हम लोगों पर विष बमन कर रहे हैं , उनके बारे मे :- जिनके उत्तर आपसे व जिनके प्रतिनिधि हैं से प्रार्थनीय हैं - 1. कायस्थ समाज से कायस्थ महासभा के नाम पर इकट्ठे किये गए धन से बनाई गई संम्पत्ति/ क्रय किया गया भूखंड अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के नाम में होना चाहिए या किन्ही व्यक्तिगत नाम में ? यदि हां तो साक्ष्य सहित कायस्थ समाज को बताएं कि प्रेरणा केंद्र बनाने के नाम पर द्वारिका दिल्ली में ख़रीदा गया भू-खंड किन- किन के व्यक्तिगत नामों में रजिस्ट्री कराया गया और क्यों, महासभा के नाम से रजिस्ट्री क्यों नहीं कराई गई ? इसे ईमानदारी कहेंगे या कायस्थ समाज के साथ धोखा कृपया बताएं ? 2. इस भूखंड पर तीन बार भूमि पूजन होने के बाद भी अभी तक कोई निर्माण नहीं हुआ क्यों ? 3. प्रेरणा केंद्र के नाम से कायस्थ समाज से कितना धन इकट्ठा हुआ और वह किस खाते में जमा है, खाते का संचालक/ हस्ताक्षर कर्ता कौन- कौन हैं , समाज का धन है, समाज को बताएं । 4. 1998 से अबतक सदस्यता शुल्क का 25% राष्ट्रान्श के तहत कितनी धनराशि राष्ट्र में आई वो किस खाते में जमा हुई खाते का विवरण क्या है और उसका हिसाब क्या है, समाज का पैसा है समाज हिसाब जानने का अधिकारी है, सम्पूर्ण जानकारी दें । 5. कायस्थ पत्रिका मासिक रूप से प्रकाशित होती है जिसका वार्षिक मूल्य समय समय पर निर्धारित होता रहा है जो शुल्क लेने के बाद ही भेजी जाती है, जिसमे विज्ञापन भी छपते रहे हैं कृपया शुल्क, विज्ञापन आदि का व्योरा सार्वजानिक करावें , समाज जानने का अधिकारी है । 6. "पाप पूण्य का लेखा- जोखा " नाम से D D 1, पर प्रसारित हुए सीरियल के नाम पर कायस्थ समाज से लिए गए धन का हिसाब दें, तथा डी डी1 से मिले रॉयल्टी, डिविडेंड की धनराशि कितनी है, कहाँ है समाज उसका हिसाब चाहता है, कृपया उपलब्ध करावें । और अब एक नैतिकता का प्रश्न - ******** क्या आप जानते हैं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पंजीकरण के समय के संबिधान में कार्यकाल 02 वर्ष निर्धारित है आप जिनके समर्थक बन हम लोगों को अपने कोप का भाजन बना रहे हैं वे इस महासभा मे 1998 में जुड़े , 1998 से अबतक क्या उनका 02 वर्ष का कार्यकाल अभी तक पूरा नहीं हुआ ? हमें विश्वास है श्री विपिन जौहरी जी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए समाज हित में उपरोक्त प्रश्नों का उत्तर बगैर नाराज़ हुए देंगें एवं दिला कर महासभा के बड़े पदाधिकारी होने के दायित्व का ईमानदारी के साथ निर्वाह कर समाज को निराश नहीं करेंगे । आप जैसा जिम्मेदार व्यक्तित्व कभी भी पद के छोटे से लालच में अपने को गणेश परिक्रमा करने वाले यशगान कर्ता भांड होने का पक्षधर नहीं होसकता । आप जैसे महान पदाधिकारी सदैव व्यक्ति से अधिक समाज और संघठन को ही महत्व देते हैं अतः आपसे उम्मीद है कि समाज व संघठन हित में अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करते हुए उपरोक्त प्रश्नों का ज़बाब देकर व दिलवाकर कायस्थ समाज के प्रति ईमानदार, जवाबदेय पदाधिकारी सिद्ध होंगें । आदर व विनम्रता के साथ एक तुक्ष कार्यकर्ता विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ

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2 comments

  1. ABKM A K SRIVASTAVND PARIA GOUT EK HUAI APNE SABAKIA KI SARANGH MILEGA YA NAHI. APNE CHOR CHOR Mauser Bhai KAHAVAT SUNI HOGI .EK ADMI JISNE SARA JIVAN KAYASTO KE LIA SARPIT KI HO.KIYA USE BHULA DIYA JAI.EK ADMI KI JAMEEN PER EK DAVANG NE KABJA KAR LIA AUR USKA FARZI REGISTRATION KARA LIA.KKIA VOH USKA JAMEEN HO JAYEITIHAS APNE KO DOHRATA HAI AUR FIR TEESRE DAVANG NE WALE DAVANG VAHI KIA JO PEHLE WALE DAVANG NE KIA. AB AAPHI BATAO KI PEHLE BALE Ka JISNE DES KI SABHI SANSTHAO KA SAMARTHA PRAPT HAI JO KABHI NA DIGA NA HARA APNE PATH PER CHAL RAHA HAI .KIA BHARAT SARKAR NE KOI KANOON BANA DIA HAI DAVANG KABJA KAR LE TO JAMEEN USKA HO JAYEITIHAS. 11B JABRAN KABJA DONO DAVANG KI LARAI HUI .KIA AAPHI KO PATA HAI PADLOLUPTA KE KARAN ABKM PER KABJA KI JAB KI A K SRIVASTAVA AUR VINOD BIHARI SRIVASTAVA EK SAMAI SARAG SAHAB KE UNDER KARIYA KARTE THE VINOD JI NE DIFRENCEKE KARAN ABCM BANAYEE AKSRIVASTAJI NE AUR PARIA JI NEBHI BHAYE KIAJO A K SRIVASTAV JI NE KIA. COURT NE ABHITAK SARANGH SAHAB KO NAHI HATAYA HAI .DESHKI PRANTIYE KAYASTH SABHAYE AB BHI SARANGH SAHAB KE SAATH HAIN.23JULY KO JAUN PUR UP ME HUI ABKM UP EAST KE SAMMELAN SABHI JILA ADHIYAKSH NE SAMARTHA DIA .IS ME RASTRIA PRANTIYE KE SADAYASO NE ORIJINAL ABKM KO MAJBOOT BANNAE KE LIA SAMPARK LEE. KAYASTH KHABER KE SAMPADAK MAHODAI JI NIVEDAN POORI HAKIKAT JANE AUR DAVANG KE MAYAJAAL ME NA FASEN .JAB TAK COURT SE SABHI PRANTIYE KAYASTH SABHAYE NAYA RASHTRIYE ADHIYAKSHNA CHUNE.COURT NE APNA ABHI TAK KOI FAISLA NAHI DIA HAI .AK AUR PARIA GUT NE SARANGH JI KO KIONAHI PARTI BANAYA.JO AB BHI CHAL RAHI HAI.

  2. Adarniye vishwamhan ji se anurodh hai ki VOH Hal chal lene SARANGH SAHAB ke pass ja saktey hai unse mil Kar ke EK naam EK Sanghthan ke Lia …please kio nahi varta KARTE hain.C communication gap kio hai. Jabab Jin ko dena hai uni se baat karen. likhene se koi FAISLA nahi hoga

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