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विधानसभा चुनाव 2022 : दादरी में भाजपा को हराने के लिए कौन है दावेदार, क्या है इनकी रणनीति

उत्तर प्रदेश विधानसभा कुछ ही दिन रह गए हैं गौतम बुध नगर की 62 किलो विधानसभा दादरी पर भाजपा का कब्जा है इस बार भाजपा फिर से अपने वर्तमान विधायक को रिपीट करेगी या उनके जगह किसी और को देगी यह सब बातें आने वाले दिनों में भाजपा के टिकट वितरण के बाद होंगी लेकिन भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के कौन-कौन से चेहरे खुलकर सामने आने शुरू हो गए हैं इसको समझना जरूरी है

निर्दलीय लड़ेंगे प्रवासी निवासियों की आवाज बनकर त्रिलोचन सिंह

इस कड़ी में सबसे पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रवासी निवासियों के नाम पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे त्रिलोचन सिंह का है त्रिलोचन स्क्रीन ब्राइटनेस हैं और पेशे से ठेकेदार हैं पूरे क्षेत्र में उनके छोटे-छोटे पोस्टर चुनाव लड़ने की नजर आने लग गए एनसीआर खबर से मुलाकात में उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र में प्रवासी बंधुओ की आवाज बनना चाहते हैं

टिकट मिलने से पहले कांग्रेस से दीपक चोटीवाला का प्रचार शुरू

विपक्ष में कांग्रेस की तरफ से अभी तक 2 नाम सबसे आगे चल रहे हैं डॉक्टर महेंद्र नागर और दीपक चोटीवाला दीपक चोटीवाला ने टिकट की घोषणा होने से पहले ही क्षेत्र में जबरदस्त प्रचार करना शुरू कर दिया है जगह-जगह उनके प्रचार वाहन घूम रहे हैं दीपक खुद एसीसी में पदाधिकारी हैं लेकिन स्थानीय जनता के तौर पर उनको कम लोग जानते हैं दादरी सीट पर ग्रामीण क्षेत्र में उनकी पहचान भले ही लोगों तक हो लेकिन शहरी क्षेत्र और एक बड़े हिस्से तक लोगों से बातचीत में दीपक के बारे में कम लोग जानते हुए मिले ऐसे में कांग्रेस के बिखरे हुए संगठन के भरोसे किस तरीके से भाजपा के खिलाफ उनकी लड़ाई चलेगी इस पर शहर चर्चा की जा रही है

सपा से राज कुमार भाटी का नाम सबसे आगे

क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता राजकुमार भाटी ही इस क्षेत्र से प्रत्याशी बनेंगे राजकुमार भाटी नैंसी और खबर को स्पष्ट बताया कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो वह पूरी ताकत से इस चुनाव को लड़ेंगे और जीतेंगे बीते दिनों सम्राट मिहिर भोज के अपमान मामले पर भी समाजवादी पार्टी से राजकुमार भाटी ने इस पूरे प्रकरण पर समाज का नेतृत्व किया था । अभी तक के चुनावो को देखे तो यहां पर समाजवादी पार्टी का आधार काम है लेकिन बीते दिनों बादलपुर में बहुजन समाज पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को समाजवादी पार्टी में शामिल कराकर पहली बार इस सीट पर समाजवादी पार्टी की रणनीति जीत के लिए सफल होती दिख रही है । ऐसे में दलित गुर्जर और मुस्लिम समीकरण के सहारे भाजपा को हराने की रणनीति कितनी सफल रहेगी ये आने वाले दिनों में।दिखेगा

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